‘Emergency Diaries’ लॉन्च से पहले बोले PM मोदी – “वो दौर मेरी सीख का हिस्सा बना”

आपातकाल डायरीज़: पीएम मोदी की यात्रा और लोकतंत्र की रक्षा- एक नई किताब, ‘The Emergency Diaries – Years that Forged a Leader’, जल्द ही प्रकाशित होने वाली है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन के उस दौर पर प्रकाश डालती है जब देश आपातकाल की चपेट में था। यह किताब सिर्फ़ एक नेता की कहानी नहीं है, बल्कि उस दौर की चुनौतियों और लोकतंत्र की रक्षा के संघर्ष की भी कहानी है।
आपातकाल: एक युवा कार्यकर्ता की यात्रा- 1975 से 1977 के आपातकाल के दौरान, नरेंद्र मोदी एक युवा कार्यकर्ता थे जिन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाई। इस किताब में उनके उन अनुभवों को दर्शाया गया है जिन्होंने उनके व्यक्तित्व और राजनीतिक विचारों को गढ़ा। यह एक ऐसा समय था जब बोलने की आज़ादी छीनी गई थी, और नागरिकों के अधिकारों का दमन किया गया था। मोदी जी के अनुभवों से हमें उस दौर की कठिनाइयों और लोकतंत्र की कीमत को समझने में मदद मिलेगी।
सोशल मीडिया पर यादें साझा करें- प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से अपील की है कि वे अपने आपातकाल के अनुभवों को सोशल मीडिया पर साझा करें। उनका मानना है कि यह आज की पीढ़ी को उस दौर की गंभीरता और लोकतंत्र के लिए संघर्ष की सच्चाई को समझने में मदद करेगा। यह एक ऐसा अवसर है जब हम अपनी यादें साझा करके इतिहास को जीवंत रख सकते हैं और आने वाली पीढ़ियों को शिक्षित कर सकते हैं।
एक प्रेरणादायक कहानी- ‘The Emergency Diaries’ सिर्फ़ एक ऐतिहासिक दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि यह एक प्रेरणादायक कहानी भी है। यह किताब उन मूल्यों और विचारों को उजागर करती है जिन्होंने एक युवा कार्यकर्ता को एक मजबूत नेता बनाया। इसमें उस दौर से जुड़े लोगों के अनुभव और कुछ दुर्लभ दस्तावेज़ भी शामिल हैं जो पहली बार प्रकाश में आ रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवगौड़ा द्वारा लिखी गई भूमिका किताब की विश्वसनीयता को और बढ़ाती है।
लोकतंत्र की रक्षा: हम सबकी ज़िम्मेदारी- आज के युवाओं के लिए यह किताब आपातकाल के दौर की कठिनाइयों और लोकतंत्र की रक्षा के महत्व को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। यह हमें याद दिलाती है कि लोकतंत्र केवल एक व्यवस्था नहीं है, बल्कि एक लगातार संघर्ष और प्रतिबद्धता है जिसे बनाए रखने की ज़िम्मेदारी हम सभी पर है। इस किताब से हमें उस संघर्ष की गहराई और लोकतंत्र की कीमत का एहसास होगा।



