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बंगाल चुनाव का पहला चरण: तेज वोटिंग के बीच हल्की झड़पें, जनता में दिखा उत्साह

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: पहले चरण में दिखा जबरदस्त मतदान उत्साह, 152 सीटों पर तय होगी किस्मत- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में गुरुवार को सुबह से ही लोगों ने बढ़-चढ़कर वोटिंग में हिस्सा लिया। शुरुआती दो घंटे में 18.76% मतदान दर्ज हुआ, जो 11 बजे तक बढ़कर 41% से ऊपर पहुंच गया। यह साफ दिखाता है कि जनता लोकतंत्र के इस महापर्व में पूरी दिलचस्पी ले रही है।

152 सीटों पर हो रहा मतदान-पहले चरण में 16 जिलों की 152 विधानसभा सीटों पर वोटिंग हो रही है। कुल 1478 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 167 महिलाएं भी शामिल हैं। करीब 3.60 करोड़ वोटर अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे कई बड़े नेताओं और पार्टियों की किस्मत का फैसला होगा।

किन जिलों में सबसे ज्यादा मतदान हुआ-पश्चिम मिदनापुर में सबसे अधिक 44.69% मतदान दर्ज किया गया। इसके बाद झाड़ग्राम, बांकुड़ा और पूर्वी मिदनापुर का नंबर है। वहीं मालदा, कूचबिहार और अलीपुरद्वार में वोटिंग प्रतिशत थोड़ा कम रहा। अलग-अलग इलाकों में मतदान की भागीदारी में फर्क देखा गया।

सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण मतदान-चुनाव आयोग ने इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। बड़ी संख्या में केंद्रीय बल तैनात किए गए हैं ताकि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से हो सके। ज्यादातर जगह मतदान शांतिपूर्ण रहा, हालांकि कुछ जगहों पर ईवीएम खराब होने जैसी छोटी समस्याएं आईं, जिन्हें जल्दी ठीक कर दिया गया।

कुछ जगहों पर झड़प और तनाव भी रहा-हालांकि कुल मिलाकर माहौल शांतिपूर्ण था, लेकिन मुर्शिदाबाद और पूर्वी मिदनापुर में राजनीतिक समर्थकों के बीच नारेबाजी और बहस के कारण थोड़ी देर के लिए तनाव की स्थिति बनी। सुरक्षाबलों ने तुरंत स्थिति को संभाल लिया और माहौल सामान्य कर दिया।

मतदान केंद्र पर हाथी की अनोखी घटना-झाड़ग्राम में एक मतदान केंद्र के पास अचानक एक हाथी आ गया, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, जल्द ही स्थिति नियंत्रण में आ गई। इस तरह की घटनाएं चुनाव के माहौल को और भी दिलचस्प बना देती हैं।

नेताओं के आरोप-प्रत्यारोप जारी-मतदान के दौरान विपक्ष ने आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर वोटरों को डराया जा रहा है। वहीं सत्ताधारी पार्टी ने पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जो चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा बन चुका है।

चुनाव आयोग को मिली शिकायतें-सुबह 11 बजे तक चुनाव आयोग को करीब 260 शिकायतें मिलीं, जबकि cVIGIL ऐप के जरिए 375 शिकायतें दर्ज की गईं। आयोग ने इन सभी मामलों पर नजर रखी है और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई कर रहा है ताकि मतदान प्रक्रिया प्रभावित न हो।

आगे का चुनावी शेड्यूल-पहले चरण के बाद बाकी 142 सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होगा। वोटों की गिनती 4 मई को होगी। फिलहाल सभी की निगाहें पहले चरण के रुझानों पर टिकी हैं, जो आने वाले राजनीतिक बदलावों का संकेत देंगे।

जनता का जोश और लोकतंत्र की ताकत-पहले चरण की वोटिंग में जनता का उत्साह साफ नजर आया। मामूली घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण रहा। अब देखना होगा कि ये वोट किसके पक्ष में जाते हैं और बंगाल की राजनीति में क्या नया बदलाव लेकर आते हैं।

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