शुभांशु शुक्ला समेत Axiom-4 मिशन की धरती पर वापसी शुरू, 18 दिन के अंतरिक्ष सफर का हुआ समापन

अंतरिक्ष से वापसी: शुभांशु शुक्ला और टीम का 18 दिनों का रोमांचक सफ़र
18 दिन बाद घर वापसी की तैयारी-शुभांशु शुक्ला और उनकी टीम ने अंतरिक्ष में 18 दिन बिताने के बाद धरती पर वापसी की तैयारी शुरू कर दी है। Axiom-4 मिशन के ये चारों अंतरिक्ष यात्री ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट में सवार होकर धरती पर लौट रहे हैं। यह यात्रा अपने आप में एक बड़ी चुनौती है।
पूरी टीम ने मिलकर संभाली जिम्मेदारी: ऑटोमेटिक वापसी प्रक्रिया-इस मिशन में शुभांशु शुक्ला पायलट हैं, और उनके साथ कमांडर पैगी व्हिटसन, स्लावोश उजनांस्की और टिबोर कापू हैं। वापसी की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से स्वचालित है। नासा ने इस प्रक्रिया का लाइव प्रसारण भी किया, जिससे दुनिया भर के लोग इस अद्भुत घटना को देख पा रहे हैं।
धरती के वायुमंडल में प्रवेश: गर्मी से जंग-
धरती के वायुमंडल में प्रवेश करते समय ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट को 1600 डिग्री सेल्सियस तक की भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा। यह प्रक्रिया बेहद नाज़ुक है। स्पेसक्राफ्ट अपने ट्रंक को अलग करेगा और हीट शील्ड का इस्तेमाल करके अपनी रफ्तार कम करेगा।
पैराशूट से सुरक्षित लैंडिंग: समुद्र में उतरेंगे यात्री-लगभग 5.7 किलोमीटर की ऊंचाई पर छोटे पैराशूट खुलेंगे, जिससे यान स्थिर होगा। फिर 2 किलोमीटर की ऊंचाई पर मुख्य पैराशूट खुलेंगे। लैंडिंग कैलिफ़ोर्निया के तट पर समुद्र में होगी, जहाँ एक विशेष जहाज स्पेसक्राफ्ट को उठा लेगा।
मंगलवार को वापसी की उम्मीद: 22.5 घंटे की यात्रा-पूरी वापसी यात्रा में लगभग 22.5 घंटे लगेंगे। स्पेसक्राफ्ट के मंगलवार दोपहर 3:01 बजे (IST) कैलिफ़ोर्निया तट पर समुद्र में उतरने की उम्मीद है। इसके बाद अंतरिक्ष यात्रियों की जाँच और रिकवरी की जाएगी।
ऐतिहासिक मिशन का अंत: विज्ञान और तकनीक की नई उड़ान-यह मिशन 25 जून को शुरू हुआ था, जब फ्लोरिडा से फाल्कन-9 रॉकेट के ज़रिए ड्रैगन स्पेस कैप्सूल को लॉन्च किया गया था। यह मिशन विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है।



