ममता बनर्जी का BJP पर बड़ा हमला: ‘अगर बंगालियों को वोटर लिस्ट से हटाया, तो दुनिया के सामने सच उजागर करूंगी’

ममता बनर्जी का बीजेपी पर तूफानी हमला: बंगाली प्रवासियों पर साजिश का आरोप-पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी पर बंगाली प्रवासियों को निशाना बनाने और उन्हें मतदाता सूची से हटाने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने इसे केंद्र सरकार का ‘अत्याचार’ बताया और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को उठाने की चेतावनी दी है। यह उनके राजनीतिक रणनीति में एक बड़ा बदलाव है क्योंकि पहले वे घरेलू मुद्दों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नहीं उठाती थीं।
अंतर्राष्ट्रीय मंच पर उठेगा मुद्दा-झारग्राम की एक रैली में, ममता जी ने कहा कि बीजेपी मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ का इस्तेमाल करके ‘बैकडोर एनआरसी’ लागू करने की कोशिश कर रही है। उनका मानना है कि यह अल्पसंख्यकों, आदिवासियों और विपक्षी समर्थकों को वोट देने के अधिकार से वंचित करने की एक सुनियोजित योजना है। ममता जी ने कहा कि अगर बंगालियों को मतदाता सूची से हटाया गया, तो वह देशभर में जाकर सरकार का पर्दाफाश करेंगी और इस मुद्दे को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी उठाएंगी। यह एक बहुत ही गंभीर आरोप है और इसने राजनीतिक माहौल को गरम कर दिया है।
भाषा और पहचान पर हमला-ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बीजेपी बं-गाली भाषा और पहचान को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि बंगाली बोलने वालों को बांग्लादेशी या रोहिंग्या कहकर जेल में डाल दिया जाता है। उन्होंने सवाल किया कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत किस भाषा में हैं और रवीन्द्रनाथ टैगोर, कज़ी नज़रुल इस्लाम, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और स्वामी विवेकानंद जैसे महापुरुषों का बंगाली भाषा में क्या योगदान रहा है। यह एक भावनात्मक मुद्दा है जो बंगालियों की पहचान और गौरव से जुड़ा है।
जन्म प्रमाण पत्र और 2002 की सूची पर सवाल-बीजेपी की नागरिकता जांच और दस्तावेजों की मांग पर ममता जी ने सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या बीजेपी नेताओं के पास अपने माता-पिता के जन्म प्रमाण पत्र हैं? उन्होंने कहा कि पहले संस्थागत प्रसव कम था और कई लोग घर पर पैदा हुए, इसलिए उनके पास प्रमाण पत्र कैसे होंगे? उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग 2002 की पुरानी सूची से नाम हटा रहा है, जबकि तब से कई लोग पैदा हुए और कई गुजर गए हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से असंवैधानिक है।
बीजेपी और चुनाव आयोग पर तानाशाही का आरोप-ममता बनर्जी ने बीजेपी पर तानाशाही का आरोप लगाया और कहा कि केंद्र सरकार चुनाव आयोग का राजनीतिक हथियार बना रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी लोगों के अधिकार छीन रही है और उन्हें बांटने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि एनआरसी से जुड़े मामलों में देशभर में बंगाल के लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह जारी रहा, तो बंगाल के लोग सड़कों पर उतरेंगे।



