काठमांडू में हिंसक प्रदर्शन: सोशल मीडिया बैन के खिलाफ युवाओं का गुस्सा, 3 की मौत और 42 घायल

सोशल मीडिया पर पाबंदी: नेपाल में मचा बवाल, सड़कों पर उतरे हज़ारों युवा!
सरकार के फैसले से भड़की युवाओं में नाराज़गी-नेपाल सरकार ने हाल ही में फेसबुक, व्हाट्सएप और एक्स जैसे 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अचानक पाबंदी लगा दी। इस फैसले ने देश भर के युवाओं, खासकर छात्रों में ज़बरदस्त नाराज़गी पैदा कर दी। सोमवार को काठमांडू की सड़कें हज़ारों नौजवानों से पट गईं, जो सरकार के इस कदम के खिलाफ़ ज़ोर-शोर से नारे लगा रहे थे। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना था कि यह कदम अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला है और सरकार शायद कुछ छिपाना चाहती है। जो विरोध प्रदर्शन शांति से शुरू हुआ था, वह जल्द ही एक उग्र रूप लेने लगा, जिसने सबको चौंका दिया।
संसद के पास पहुंचा मामला, हालात हुए बेकाबू-सुबह से ही अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं का समूह जब संसद भवन के पास पहुँचा, तो उन्होंने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़ दिया। इस घटना ने माहौल को और भी तनावपूर्ण बना दिया और शांतिपूर्ण प्रदर्शन अचानक हिंसा में बदल गया। पुलिस को भीड़ को काबू में करने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और रबर की गोलियों का इस्तेमाल करना पड़ा। इस अफरातफरी में कई लोग घायल हो गए और भगदड़ मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक झड़प चलती रही, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
जानमाल का नुकसान: तीन की मौत, कई घायल-स्थानीय खबरों के अनुसार, इस हिंसक टकराव में कम से कम तीन लोगों की दुखद मृत्यु हो गई है और 42 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं। हालांकि, सरकारी सूत्रों से इन मौतों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कई घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रदर्शन में शामिल छात्रों और युवाओं ने सरकार पर उनकी आवाज़ को दबाने का आरोप लगाया है और चेतावनी दी है कि अगर सोशल मीडिया पर लगी पाबंदी जल्द नहीं हटाई गई, तो यह आंदोलन और भी बड़ा और उग्र रूप ले सकता है।
काठमांडू में कर्फ्यू: पाबंदियों का दौर शुरू-बिगड़ते हालात को देखते हुए काठमांडू के जिला प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संसद भवन के आसपास के इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया है। यह पाबंदी दोपहर 12:30 बजे से रात 10 बजे तक लागू रहेगी। जिला अधिकारी छबी लाल रिजाल ने एक सार्वजनिक सूचना जारी कर स्पष्ट किया है कि इस दौरान किसी भी व्यक्ति को प्रतिबंधित क्षेत्र में आने-जाने, प्रदर्शन करने, इकट्ठा होने या धरना देने की इजाज़त नहीं होगी। प्रशासन का मानना है कि यह कदम कानून व्यवस्था बनाए रखने और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए बेहद ज़रूरी है। अब सबकी नज़रें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।



