अजीत पवार का बयान बना विवाद: मनोहर पर्रिकर को लेकर पूछ लिया – “कौन पर्रिकर?”

अजीत पवार का ‘कौन पर्रिकर?’ सवाल: पुणे में मचा बवाल, क्या है पूरा मामला?-महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी के प्रमुख अजीत पवार आजकल चर्चा में हैं। कुछ दिन पहले एक आईपीएस अधिकारी को डांटने को लेकर वे खबरों में थे, और अब पुणे में एक ऐसी बात कह दी है जिसने लोगों को हैरान कर दिया है। हुआ यूँ कि पुणे के हडपसर इलाके में लोगों से मिलने गए पवार से एक महिला ने कहा कि आप भी मनोहर पर्रिकर की तरह अचानक दौरे करके लोगों की समस्याएं देखें। इस पर पवार ने तुरंत जवाब दिया, “कौन पर्रिकर?” बस, यह सुनते ही वहां मौजूद लोग चौंक गए और यह सवाल चर्चा का विषय बन गया।
मनोहर पर्रिकर: वो नेता जो जनता के दिलों में बसते थे-मनोहर पर्रिकर, बीजेपी के एक ऐसे नेता थे जिन्हें लोग ‘मिस्टर क्लीन’ और ‘आम आदमी’ के नाम से जानते थे। वे गोवा के तीन बार मुख्यमंत्री रहे और देश के रक्षा मंत्री भी बने। उनकी सबसे खास बात यह थी कि वे जनता की समस्याओं को करीब से जानने के लिए अचानक दौरे करते थे। इसी सादगी और लोगों से जुड़ने की आदत की वजह से वे बहुत लोकप्रिय थे। जब उस महिला ने अजीत पवार को उनसे प्रेरणा लेने को कहा, तो शायद वह इसी आदत का जिक्र कर रही थी। लेकिन पवार का यह सवाल कि “कौन पर्रिकर?” इस पूरी बातचीत पर भारी पड़ गया।
पुणे की सड़कें और नागरिकों की शिकायतें-यह पूरा वाकया तब हुआ जब अजीत पवार पुणे के हडपसर इलाके में लोगों की समस्याएं सुनने पहुंचे थे। उनके साथ नगर निगम के कमिश्नर नवल किशोर राम भी थे। लोगों ने वहां ट्रैफिक जाम और दूसरी स्थानीय समस्याओं के बारे में अपनी शिकायतें रखीं। पवार ने देर से आने के लिए माफ़ी भी मांगी और कहा कि वे सभी समस्याओं को जल्द से जल्द हल करने की कोशिश करेंगे। लेकिन इसी बीच जब मनोहर पर्रिकर का नाम आया तो यह विवाद खड़ा हो गया, जिसने लोगों का ध्यान खींचा।
महिला की सलाह और पवार का हैरान करने वाला जवाब-सभा में मौजूद एक महिला ने बड़े ही सहज तरीके से अजीत पवार को सलाह दी कि जिस तरह मनोहर पर्रिकर अचानक इलाके का दौरा करके लोगों की समस्याएं देखते थे, उसी तरह पवार साहब और उनके अधिकारी भी ऐसा करें। इस सलाह को सुनकर अजीत पवार का चेहरा थोड़ा बदल गया और उन्होंने तुरंत पलटकर पूछ लिया, “कौन पर्रिकर?” महिला को फिर उन्हें समझाना पड़ा कि वे गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत के रक्षा मंत्री रह चुके बीजेपी नेता मनोहर पर्रिकर की बात कर रही हैं। यह सुनकर वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए।
बीजेपी नेताओं की नाराज़गी और राजनीतिक हलचल-इस पूरे मामले पर बीजेपी नेताओं ने काफी गंभीरता दिखाई है। आपको बता दें कि महाराष्ट्र में बीजेपी, शिवसेना (शिंदे गुट) और अजीत पवार की एनसीपी मिलकर सरकार चला रही है। ऐसे में, अजीत पवार का यह बयान बीजेपी के नेताओं को बिल्कुल भी पसंद नहीं आया। उनका मानना है कि मनोहर पर्रिकर जैसे ईमानदार और लोकप्रिय नेता का नाम इस तरह से लेना, जनता और बीजेपी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है। यह बयान पार्टी के अंदरूनी समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है।
एनसीपी का चिंतन शिविर: रणनीति और विचारधारा पर मंथन-यह पूरा विवाद एक ऐसे समय पर हुआ है जब एनसीपी अपना राष्ट्रीय स्तर का “राष्ट्रवादी चिंतन शिविर” आयोजित करने वाली है। यह शिविर 19 सितंबर को नागपुर में होने वाला है, जहाँ पार्टी अपने भविष्य की दिशा, रणनीति और विचारधारा पर चर्चा करेगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि अजीत पवार के इस बयान का असर इस चिंतन शिविर में होने वाली चर्चाओं पर किस तरह पड़ता है। क्या यह उनके पार्टी के लिए कोई नई समस्या खड़ी करेगा?
परंपरा और आधुनिकता: एनसीपी की नई राह-एनसीपी अपने इस चिंतन शिविर में छत्रपति शिवाजी महाराज, महात्मा फुले, शाहू महाराज और डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर जैसे महान नेताओं के विचारों को अपनी राजनीति का आधार बनाने वाली है। इसके साथ ही, पार्टी का लक्ष्य यह भी है कि बदलते समय के साथ युवा वर्ग, मध्यमवर्ग और महिलाओं की उम्मीदों को भी अपनी नीतियों में शामिल किया जाए। ऐसे में, अजीत पवार का यह बयान, जहाँ वे एक जाने-माने नेता को नहीं पहचानते, निश्चित तौर पर पार्टी के लिए एक अजीब और असहज स्थिति पैदा कर सकता है।



