Google Analytics Meta Pixel
Politics

ओवैसी का बड़ा हमला: लालू-तेजस्वी से गठबंधन की कोशिश नाकाम, सिर्फ बराबरी का मांगा था हक

 ओवैसी की चुप्पी पर सवाल: क्या AIMIM को गठबंधन में जगह नहीं?

 गठबंधन की आस, पर जवाब का इंतज़ार-एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने हाल ही में किशनगंज में एक रैली के दौरान एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव से गठबंधन को लेकर बात की थी। उनकी पार्टी ने सिर्फ़ छह सीटों की मांग की थी, और किसी भी मंत्री पद की कोई इच्छा नहीं जताई थी। लेकिन, तीन बार चिट्ठी लिखने के बावजूद उन्हें आरजेडी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। ओवैसी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि उनकी पार्टी सिर्फ़ सम्मान और बराबरी चाहती थी, किसी की गुलामी नहीं।

 मुस्लिम समुदाय का अपना नेता कौन?-ओवैसी ने बिहार की राजनीति में एक अहम मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बिहार में लगभग हर जाति का अपना नेता है, लेकिन मुस्लिम समुदाय अभी भी नेतृत्वहीन महसूस करता है। यादव, कुशवाहा, कुर्मी, मांझी, राजपूत और पासवान जैसे समुदायों के नेता आसानी से मिल जाते हैं, पर मुस्लिम समुदाय के लिए ऐसा कोई चेहरा नहीं है। ओवैसी का मानना है कि इसी खालीपन को भरने के लिए एआईएमआईएम लगातार अपनी आवाज़ उठा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सीमांचल का युवा भी नेतृत्व करने की क्षमता रखता है।

 बीजेपी की मदद के आरोप बेबुनियाद-ओवैसी ने उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें कहा जाता है कि उनकी पार्टी बीजेपी की मदद करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन की कोशिश इसलिए की गई थी ताकि कोई भी यह आरोप न लगा सके कि एआईएमआईएम बीजेपी के इशारों पर चल रही है। ओवैसी ने कहा कि अगर आरजेडी की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं आता, तो जनता खुद समझ जाएगी कि असल में बीजेपी की मदद कौन कर रहा है। आपको बता दें कि पिछले विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम ने 20 सीटों पर चुनाव लड़ा था और पांच पर जीत दर्ज की थी।

सीमांचल की राजनीति पर AIMIM की नज़र-सीमांचल इलाका, जिसमें पूर्णिया, अररिया, किशनगंज और कटिहार जैसे ज़िले शामिल हैं, मुस्लिम आबादी के लिहाज़ से काफी महत्वपूर्ण है। यहां की राजनीति पर मुस्लिम समुदाय का गहरा प्रभाव है। यही वजह है कि ओवैसी ने चार दिनों की ‘सीमांचल न्याय यात्रा’ की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि इस इलाके के युवाओं को भी मुख्यमंत्री बनने का सपना देखने का पूरा हक है। आज वह अररिया ज़िले में भी बड़ी जनसभाओं को संबोधित करने वाले हैं, जहाँ वे अपनी बात रखेंगे।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button