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Chhattisgarh

सक्ती बॉयलर ब्लास्ट: एक हादसा जिसने हिला दी पूरी व्यवस्था, 24 मजदूरों की मौत के बाद शुरू हुई बड़ी जांच

छत्तीसगढ़ के सक्ती में भीषण बॉयलर ब्लास्ट: एक हादसा जिसने पूरे परिवारों की दुनिया हिला दी-छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में हुए भयानक बॉयलर ब्लास्ट ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं और उनके जीवन को पूरी तरह बदल दिया। सरकार, प्रशासन और कंपनी अब जांच, इलाज और मुआवजे के जरिए स्थिति संभालने में जुटे हैं।

हादसा कैसे हुआ: एक पल में तबाही-14 अप्रैल को वेदांता पावर लिमिटेड के प्लांट में अचानक एक जोरदार बॉयलर ब्लास्ट हुआ। यह धमाका डभरा ब्लॉक के सिंघीतराई में यूनिट-1 में तकनीकी खराबी के कारण हुआ। उस वक्त 34 मजदूर काम कर रहे थे। धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि कई मजदूर मौके पर ही जान गंवा बैठे, जबकि बाकी गंभीर रूप से घायल हो गए।

मौत और जिंदगी के बीच जंग-इस दर्दनाक हादसे में अब तक 24 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जो बेहद दुखद है। वहीं 10 मजदूर अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं और उनका इलाज जारी है। डॉक्टर लगातार उनकी हालत पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन भी हर संभव मदद पहुंचाने की कोशिश कर रहा है ताकि घायल जल्द स्वस्थ हो सकें।

सरकार ने शुरू की कड़ी जांच-इस गंभीर घटना के बाद राज्य सरकार ने तुरंत उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए। बिलासपुर संभाग के आयुक्त सुनील जैन को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जांच का मकसद हादसे के कारणों को समझना और दोषियों को पकड़ना है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

जनता से मांगी गई जानकारी-जांच को सही दिशा देने के लिए प्रशासन ने आम लोगों, प्रत्यक्षदर्शियों और संबंधित पक्षों से सबूत और जानकारी मांगी है। 29 अप्रैल को बिलासपुर आयुक्त कार्यालय में सुनवाई रखी गई है, जहां कोई भी इस घटना से जुड़ी जानकारी दे सकता है। इससे जांच और मजबूत होगी।

लापरवाही के संकेत भी मिले-शुरुआती जांच में पता चला है कि प्लांट में सुरक्षा नियमों का ठीक से पालन नहीं हो रहा था। मशीनों की देखरेख और निगरानी में कमी के कारण यह बड़ा हादसा हुआ। अगर समय रहते सावधानी बरती जाती तो शायद इतनी बड़ी जानहानि टाली जा सकती थी। अब जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है।

मुआवजे की घोषणा से परिवारों को मिली उम्मीद-सरकार ने मृतकों के परिवारों को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है। इसके अलावा प्रधानमंत्री राहत कोष से भी मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए मिलेंगे। यह कदम परिवारों को थोड़ी राहत देने की कोशिश है।

कंपनी ने भी उठाया बड़ा कदम-वेदांता कंपनी ने भी अपने स्तर पर सहायता का ऐलान किया है। कंपनी ने मृतकों के परिवारों को 35-35 लाख रुपए और नौकरी देने का वादा किया है। घायलों को 15-15 लाख रुपए की मदद देने का भी आश्वासन दिया गया है। यह आर्थिक मदद परिवारों के लिए सहारा तो है, लेकिन नुकसान की भरपाई पूरी नहीं कर सकती।

 

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