सुबह की तेजी के बाद सेंसेक्स-निफ्टी में आई गिरावट: जानिए पूरा हाल

गुरुवार की सुबह शेयर बाजार ने अच्छी शुरुआत की थी। सेंसेक्स करीब 149 अंक ऊपर खुला और 84,540 के करीब पहुंचा, वहीं निफ्टी भी 45 अंक बढ़कर 25,803 पर खुला। शुरुआती समय में बाजार का मूड पॉजिटिव था, लेकिन कुछ ही देर बाद स्थिति बदल गई। एशियाई बाजारों की कमजोरी और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने भारतीय बाजार को दबाव में ला दिया, जिससे दोनों इंडेक्स गिरावट में आ गए।
दोपहर तक तेज बिकवाली, सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में बंद- सुबह की तेजी ज्यादा देर टिक नहीं सकी। दोपहर तक बाजार में बिकवाली तेज हो गई और सेंसेक्स 222 अंक गिरकर 84,168 पर आ गया। निफ्टी भी 50 से ज्यादा अंक फिसलकर 25,707 पर बंद हुआ। निवेशकों का भरोसा कमजोर दिखा और लगातार बिकवाली के कारण बाजार निगेटिव जोन में चला गया। विदेशी निवेशकों की निकासी और कमजोर वैश्विक संकेतों ने बाजार की हालत और खराब कर दी।
बड़े शेयरों में गिरावट, कुछ कंपनियों ने दिखाया मजबूती का संकेत- सेंसेक्स के कई बड़े शेयरों में गिरावट देखने को मिली। टाइटन, पावरग्रिड, एचसीएल टेक, एयरटेल, रिलायंस, टीसीएस, टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, बाजाज फिनसर्व और आईटीसी जैसे शेयर दबाव में रहे। वहीं, टाटा स्टील, मारुति, कोटक बैंक, अडानी पोर्ट्स, बीईएल, एलएंडटी, इन्फोसिस और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर बढ़त में दिखे। इन स्टॉक्स ने गिरावट के बीच बाजार को थोड़ा संतुलित रखने की कोशिश की।
एशियाई बाजारों की कमजोरी का असर भारतीय बाजार पर- गुरुवार को एशियाई बाजार कमजोर रहे। जापान का निक्केई 225, शंघाई का एसएसई कंपोजिट, हांगकांग का हैंगसेंग और साउथ कोरिया का कोस्पी सभी लाल निशान में बंद हुए। इन कमजोर वैश्विक संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। निवेशकों ने जोखिम बढ़ता देख सतर्कता बरती, जिससे बाजार में बिकवाली बढ़ी।
अमेरिका में फेड रेट कट के बाद भी भारतीय बाजार पर असर नहीं- अमेरिकी बाजार बुधवार को बढ़त के साथ बंद हुए। फेडरल रिजर्व ने ब्याज दर में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की, जिससे वॉल स्ट्रीट में सकारात्मक माहौल बना। लेकिन फेड ने 2026 में सिर्फ एक रेट कट का अनुमान रखा, जिससे अनिश्चितता बनी रही। अमेरिका की मजबूती का भारतीय बाजार पर खास असर नहीं पड़ा क्योंकि विदेशी बिकवाली और एशियाई कमजोरी का दबाव ज्यादा था।
एफआईआई ने निकाली पूंजी, डीआईआई ने संभाला बाजार- विदेशी निवेशकों ने लगातार बिकवाली जारी रखी। बुधवार को एफआईआई ने 1,651 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ा। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 3,752 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को संभालने की कोशिश की। डीआईआई के समर्थन के बिना गिरावट और तेज हो सकती थी।
क्रूड ऑयल में हल्की बढ़त, बाजार पिछले सत्र में महीने के निचले स्तर पर बंद- ब्रेंट क्रूड की कीमतों में मामूली बढ़त देखी गई और यह 62.23 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, बुधवार को भारतीय बाजार दबाव में थे। सेंसेक्स 275 अंक गिरकर 84,391 पर बंद हुआ था और निफ्टी 81 अंक फिसलकर 25,758 पर आ गया था, जो महीने का सबसे निचला बंद स्तर था। लगातार बिकवाली और कमजोर संकेतों ने बाजार को नीचे की ओर धकेला है।
इस तरह गुरुवार का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए मिला-जुला रहा, जहां सुबह की तेजी के बाद बाजार में गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।



