शुक्रवार को शेयर बाजार में भारी गिरावट: जानिए वजह और आगे की रणनीति

सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट, अहम सपोर्ट टूटने से बढ़ा दबाव- शुक्रवार की सुबह बाजार ने निवेशकों को बड़ा झटका दिया। सेंसेक्स 82,919 के स्तर से करीब 755 अंक नीचे खुला, जबकि निफ्टी 25,600 के महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल से नीचे चला गया। बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ गया और गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ गई। तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि यह सपोर्ट टूटना आने वाले दिनों में भी दबाव बनाए रख सकता है।
आईटी सेक्टर पर ‘AI शॉक’ और अमेरिकी बाजार की हलचल का असर-इस गिरावट में सबसे ज्यादा असर आईटी सेक्टर पर पड़ा। अमेरिका में एंथ्रोपिक जैसी एआई कंपनियों से जुड़ी खबरों ने नैस्डैक को झकझोर दिया, जिसका असर भारतीय आईटी दिग्गजों जैसे टीसीएस, इंफोसिस और विप्रो पर साफ दिखा। क्योंकि भारतीय आईटी कंपनियों की कमाई का बड़ा हिस्सा अमेरिका से आता है, वहां की हलचल का सीधा असर यहां भी पड़ा। फिलहाल आईटी इंडेक्स दबाव में है और निवेशकों को सोच-समझकर कदम उठाने की सलाह दी जा रही है।
कुछ शेयरों में खास खबरों के कारण बनी हलचल-बाजार की गिरावट के बीच कुछ शेयरों ने अपनी खास खबरों से ध्यान आकर्षित किया। एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में एमडी की दोबारा नियुक्ति और जे कुमार इंफ्रा को 615 करोड़ रुपये का नया प्रोजेक्ट मिलने की खबर ने निवेशकों की नजरें खींचीं। इसके अलावा ओएनजीसी, कोल इंडिया और टाटा मोटर्स जैसे शेयरों में भी उतार-चढ़ाव देखा गया। ऐसे समय में इंट्राडे ट्रेडर्स के लिए वॉल्यूम और प्राइस मूवमेंट पर नजर रखना जरूरी हो जाता है।
गिरावट में निवेशकों के लिए एक्सपर्ट्स की सलाह-विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की गिरावट में घबराकर शेयर बेचना सही नहीं है। इसे सामान्य करेक्शन के रूप में लेना चाहिए। ऑटो और पीएसयू सेक्टर में अभी भी मजबूती बनी हुई है। जिन निवेशकों के पास मजबूत फंडामेंटल वाले शेयर हैं और जिन कंपनियों के तिमाही नतीजे अच्छे आए हैं, उन्हें धैर्य रखना चाहिए। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह मौका अच्छा शेयर कम कीमत पर खरीदने का भी हो सकता है।
यह लेख आपको शुक्रवार को शेयर बाजार में आई तेज गिरावट की वजहों, प्रभावित सेक्टरों और निवेशकों के लिए जरूरी सलाह के बारे में विस्तार से जानकारी देता है। बाजार की इस स्थिति में समझदारी से कदम उठाना ही बेहतर निवेश रणनीति साबित होगी।



