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LPG की कमी से होटल-रेस्तरां पर संकट: सरकार ने बनाई कमेटी, घरेलू गैस सप्लाई को दी प्राथमिकता

कमर्शियल एलपीजी की कमी से होटल-रेस्तरां उद्योग में बढ़ी चिंता: क्या बंद हो जाएंगे आपके पसंदीदा रेस्टोरेंट?-देश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की अचानक कमी ने होटल और रेस्तरां उद्योग को गंभीर संकट में डाल दिया है। इस समस्या के कारण कई छोटे-बड़े रेस्टोरेंट्स के किचन बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि यह समस्या क्यों आई है, सरकार ने क्या कदम उठाए हैं, और इसका असर उद्योग पर कैसे पड़ रहा है।

अचानक कमर्शियल एलपीजी की कमी ने बढ़ाई परेशानी-हाल के दिनों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई में भारी कमी आई है। होटल और रेस्तरां संचालकों को समय पर गैस नहीं मिल पा रही है, जिससे उनके किचन प्रभावित हो रहे हैं। कई उद्योग संगठन चेतावनी दे रहे हैं कि अगर सप्लाई जल्द ठीक नहीं हुई तो कई रेस्टोरेंट्स को बंद करना पड़ सकता है, जिससे रोजगार और कारोबार दोनों पर बड़ा असर पड़ेगा।

तेल मंत्रालय ने बनाई विशेष जांच कमेटी-इस गंभीर स्थिति को देखते हुए तेल मंत्रालय ने तीन वरिष्ठ अधिकारियों की एक कमेटी बनाई है। यह कमेटी होटल, रेस्तरां और अन्य गैर-घरेलू क्षेत्रों की गैस सप्लाई से जुड़ी मांगों और शिकायतों की जांच करेगी। इसके आधार पर सरकार आगे की रणनीति तय करेगी ताकि सप्लाई में सुधार हो सके।

घरेलू रसोई को दी जा रही है प्राथमिकता-सरकार ने घरेलू उपयोग के लिए एलपीजी गैस को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी है। देश में लगभग 87% एलपीजी घरेलू रसोई में इस्तेमाल होती है, जबकि बाकी हिस्सा व्यावसायिक संस्थानों को जाता है। इसलिए सीमित गैस सप्लाई का बड़ा हिस्सा घरों को दिया जा रहा है, जिससे कमर्शियल सेक्टर को कम गैस मिल रही है।

मध्य पूर्व तनाव का असर भारत की गैस सप्लाई पर-मध्य पूर्व में बढ़े तनाव के कारण भारत की एलपीजी सप्लाई प्रभावित हुई है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के चलते होरमुज जलडमरूमध्य बंद हो गया है, जो भारत के लिए मुख्य आयात मार्ग है। इस वजह से देश को मिलने वाली गैस की मात्रा कम हो गई है, जिससे सप्लाई में बाधा आई है।

कमर्शियल सेक्टर पर सप्लाई की कमी का प्रभाव-सरकार घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दे रही है, इसलिए कमर्शियल सेक्टर को गैस की कमी का सामना करना पड़ रहा है। होटल और रेस्तरां संचालकों का कहना है कि गैस की कमी के कारण किचन चलाना मुश्किल हो गया है, जिससे उनकी सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।

मुंबई और बेंगलुरु में संकट की शुरुआत-मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में गैस की कमी का असर साफ दिखने लगा है। कई होटल और रेस्तरां संचालक गैस सिलेंडर पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इंडियन होटल्स एंड रेस्तरां एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय शेट्टी ने चेतावनी दी है कि अगर सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो पूरे सेक्टर को बड़ा नुकसान होगा।

सरकार ने रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए-तेल मंत्रालय ने रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए पेट्रोकेमिकल उत्पादन को कम करके गैस उत्पादन बढ़ाने की योजना बनाई गई है ताकि घरेलू और व्यावसायिक दोनों क्षेत्रों की जरूरतें पूरी हो सकें।

एलपीजी बुकिंग नियमों में बदलाव-सरकार ने एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग नियमों में भी बदलाव किया है। पहले एक सिलेंडर बुक करने के बाद दूसरा 21 दिन बाद बुक किया जा सकता था, अब इसे 25 दिन कर दिया गया है। इससे गैस की जमाखोरी और काला बाजारी रोकने में मदद मिलेगी।

अस्पताल और शिक्षण संस्थानों को भी मिल रही प्राथमिकता-सरकार ने जरूरी गैर-घरेलू क्षेत्रों जैसे अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों को भी एलपीजी सप्लाई में प्राथमिकता दी है। इससे सुनिश्चित किया जा रहा है कि इन महत्वपूर्ण सेवाओं में गैस की कमी न हो और वे सुचारू रूप से चलती रहें।

कमर्शियल एलपीजी की कमी ने होटल और रेस्तरां उद्योग को गंभीर चुनौती दी है। हालांकि सरकार ने घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए कई कदम उठाए हैं, लेकिन उद्योग को भी राहत देने के लिए उत्पादन बढ़ाने और सप्लाई सुधारने की जरूरत है। अगर यह समस्या जल्दी हल नहीं हुई तो कई व्यवसायों को बंद होना पड़ सकता है, जो रोजगार और आर्थिक गतिविधियों पर बड़ा असर डालेगा।
इसलिए इस मुद्दे पर सरकार, उद्योग और आपूर्ति कंपनियों को मिलकर काम करना होगा ताकि संकट से जल्द उबर सकें।

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