पुतिन ने की भारत और मोदी की तारीफ

पुतिन ने फिर की भारत की तारीफ, बोले- मोदी के नेतृत्व में कोई दबाव नहीं झुका सकता भारत
भारत अपने फैसले खुद लेता है: पुतिन-रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि भारत एक संप्रभु देश है जो किसी भी बाहरी दबाव में आकर अपने फैसले नहीं बदलता। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अपनी स्वतंत्र विदेश नीति को मजबूती से आगे बढ़ाया है। पुतिन के अनुसार भारत अपनी जरूरतों और प्राथमिकताओं को सबसे ऊपर रखता है और अपने विकास के लिए सही साझेदार चुनता है।
मोदी के नेतृत्व को बताया मजबूत और प्रभावशाली-पुतिन ने मोदी के नेतृत्व की जमकर तारीफ की और कहा कि भारत ने वैश्विक राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं के बीच नियमित बातचीत होती रहती है, जिससे भारत-रूस के संबंध मजबूत होते जा रहे हैं। भारत ने यह साबित किया है कि वह किसी एक शक्ति पर निर्भर नहीं, बल्कि सभी देशों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखता है।
1947 से मजबूत है भारत-रूस की दोस्ती-पुतिन ने कहा कि भारत और रूस के राजनयिक संबंध 1947 से हैं और यह रिश्ता सिर्फ सरकारों तक सीमित नहीं, बल्कि दोनों देशों की जनता के बीच भी गहरा विश्वास है। रक्षा, अंतरिक्ष, विज्ञान, ऊर्जा और व्यापार जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों ने वर्षों से सहयोग किया है। मुश्किल समय में भी दोनों ने एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा।
भारतीय युवाओं और प्रतिभा की जमकर सराहना-पुतिन ने भारतीय युवाओं की मेहनत और प्रतिभा की तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारतीय विशेषज्ञ सूचना प्रौद्योगिकी, सॉफ्टवेयर और नई तकनीकों में विश्व स्तर पर पहचान बना चुके हैं। पुतिन के अनुसार भारत का विशाल और कुशल मानव संसाधन उसकी सबसे बड़ी ताकत है, जो भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाएगा।
ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्र में बढ़ेगा सहयोग-पुतिन ने कहा कि रूस भारत के ऊर्जा और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करना चाहता है। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ते तनाव का जिक्र किया और कहा कि ऊर्जा सुरक्षा अब और जरूरी हो गई है। रूस भारत को ऊर्जा आपूर्ति बढ़ाने और आधुनिक तकनीकी समाधान देने के लिए तैयार है।
वैश्विक राजनीति में भारत की बढ़ती भूमिका-पुतिन के बयान को भारत की बढ़ती रणनीतिक ताकत के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति से अलग पहचान बनाई है। रूस मानता है कि भारत आने वाले वर्षों में वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और तकनीकी विकास का एक प्रमुख केंद्र बनेगा।



