ChhattisgarhGovernment Scheme
Trending

छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री सुपोषण योजना के उद्देश्य, अभियान से जुड़ी सारी जानकारी…..

13 / 100

कुपोषण के खिलाफ महत्वपूर्ण अभियान शुरू करते हुए सरकार ने साल 2019 में ही छत्तीसगढ़ राज्य में मुख्यमंत्री सुपोषण योजना को शुरू कर दिया गया था और अभी तक बहुत से लोगों को इस योजना का फायदा मिल चुका है और वह कुपोषण से बाहर आ चुके हैं। हालांकि अभी भी छत्तीसगढ़ में ऐसे कई बच्चे और महिलाएं हैं, जो कुपोषण की चपेट में है। ऐसे में उन्हें छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा शुरू की गई छत्तीसगढ़ सुपोषण योजना के बारे में जानकारी होनी चाहिए और इस योजना का फायदा कैसे मिलेगा, इसके बारे में भी उन्हें पता होना चाहिए। हम इस आर्टिकल में आज आपको बता रहे हैं कि छत्तीसगढ़ सुपोषण योजना क्या है और छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री सुपोषण योजना में आवेदन कैसे करें।

योजना का नाममुख्यमंत्री सुपोषण योजना
राज्यछत्तीसगढ़
किसने शुरू कीमुख्यमंत्री भूपेश बघेल
लाभार्थीछत्तीसगढ़ के बच्चे और महिलाएं तथा किशोरिया
उद्देश्यलाभार्थी लोगों को कुपोषण से बाहर लाना
आधिकारिक वेबसाइटhttps://shuposhitchhattisgarh.cgstate.gov.in/
हेल्पलाइन नंबर1091

छत्तीसगढ़ के वर्तमान मुख्यमंत्री श्रीमान भूपेश बघेल जी के द्वारा साल 2019 में 2 अक्टूबर के दिन महात्मा गांधी की जयंती के उपलक्ष में छत्तीसगढ़ राज्य के कुपोषण और एनीमिया से पीड़ित महिलाओं और बच्चों के लिए सुपोषण योजना की शुरुआत की गई थी। इस योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 6 साल तक के ऐसे बच्चों को फायदा मिलेगा जो कुपोषण और एनीमिया के शिकार हैं, वही योजना का फायदा 15 साल से लेकर के 49 साल की आयु की महिलाओं को भी दिया जाएगा। सरकार के द्वारा कहा गया है कि महिलाओं और बच्चों को कुपोषण से बाहर निकालने के लिए सरकार मुख्यमंत्री सुपोषण योजना के अंतर्गत पौष्टिक भोजन का वितरण करवाएगी, जिसे ग्रहण करके महिलाएं और बच्चे अपने स्वास्थ्य में सुधार कर सकेंगे और उन्हें कुपोषण से आजादी मिल सकेगी। योजना के अंतर्गत पौष्टिक भोजन प्राप्त होने से लाभार्थियों के शरीर से एनीमिया अर्थात खून की कमी की बीमारी भी दूर हो जाएगी।

जैसा कि आप जानते हैं कि, पौष्टिक भोजन ना मिलने की वजह से इंसान का शरीर धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है। खासतौर पर महिलाओं और बच्चों को अगर पौष्टिक भोजन नहीं मिलता है तो वह कुछ समय के पश्चात कुपोषण के शिकार हो जाते हैं और उनकी बॉडी में खून की कमी दिखाई पड़ती है। उस पर भी अगर महिला और बच्चे गरीब परिवार से आते हैं तो वह पौष्टिक भोजन का प्रबंध नहीं कर पाते हैं, जिसकी वजह से उनकी हालत दिन-ब-दिन और भी खराब होती जाती है, परंतु ऐसे ही लोगों की सुध लेते हुए और उन्हें शारीरिक रूप से तंदुरुस्त बनाने के उद्देश्य से सरकार ने सुपोषण योजना को शुरू कर दिया है, जिसका फायदा छत्तीसगढ़ के कुपोषण और एनीमिया से पीड़ित महिलाओं के साथ-साथ बच्चों को भी मिलेगा।

छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री सुपोषण योजना के लाभ एवं विशेषताएं

  • साल 2019 में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के द्वारा शुरू की गई छत्तीसगढ़ सुपोषण योजना के अंतर्गत पौष्टिक भोजन महिलाओं को और बच्चों को सरकार के द्वारा उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जा रहा है।
  • योजना के अंतर्गत भोजन पाने के लिए महिलाओं और बच्चों को ₹1 भी देने की आवश्यकता नहीं है। भोजन उन्हें बिल्कुल मुफ्त में प्राप्त होगा।
  • योजना के अंतर्गत जब महिलाएं और बच्चे पौष्टिक भोजन ग्रहण करेंगे तो उनके शरीर को ताकत मिलेगी, जिसकी वजह से उनके शरीर पर मांस चढ़ेगा और कमजोरी दूर होगी, साथ ही एनीमिया की समस्या भी धीरे-धीरे दूर हो जाएगी।
  • सरकार के द्वारा कहा गया है कि इस योजना का फायदा छत्तीसगढ़ राज्य के 15 साल से लेकर के 49 साल तक की उम्र की महिलाओं और किशोरियों को प्राप्त हो सकेगा तथा 6 साल तक की उम्र के बच्चों को भी कुपोषण से बाहर निकालने के लिए पौष्टिक भोजन योजना के तहत दिया जाएगा।
  • इस योजना के अंतर्गत 3 साल से लेकर के 6 साल तक की उम्र के बच्चों को तथा गर्भवती महिलाओं और 6 महीने तक के दूधमुहे बच्चे की माता को उबला हुआ अंडा और सोयाबीन की बड़ी प्रदान की जाएगी। यही नहीं योजना के अंतर्गत बच्चों को मूंगफली और गोंद के लड्डू दिए जाएंगे तथा प्रेग्नेंट महिलाओं को पौष्टिक भोजन का पैकेट दिया जाएगा।

छत्तीसगढ़ सुपोषण योजना हेतु पात्रता

  • इस योजना का फायदा सिर्फ छत्तीसगढ़ के स्थाई निवासियों को ही मिलेगा।
  • योजना का लाभ पाने का हकदार छत्तीसगढ़ के 3 साल से लेकर के 6 साल तक की उम्र के बच्चे होंगे। योजना का फायदा 15 साल से लेकर के 49 साल की उम्र की महिलाओं और किशोरियों को भी मिलेगा।
  • सिर्फ कुपोषण से पीड़ित बच्चों और माताओं अथवा महिलाओं को ही योजना का फायदा दिया जाएगा।

छत्तीसगढ़ सुपोषण योजना हेतु दस्तावेज

  • आधार कार्ड की फोटोकॉपी
  • फोन नंबर
  • ईमेल आईडी
  • पासपोर्ट साइज की रंगीन फोटो
  • शिशु जन्म प्रमाण पत्र

छत्तीसगढ़ सुपोषण योजना में आवेदन प्रक्रिया

इस योजना में आप ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते हैं, क्योंकि योजना के अंतर्गत कौन से लोगों को फायदा दिया जाना है, इसकी जानकारी सरकार आपके इलाके के अंतर्गत आने वाले आंगनवाड़ी सेंटर से प्राप्त कर लेती है। आंगनवाड़ी सेंटर में काम करने वाली आशा वर्कर के द्वारा अपने क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली गर्भवती महिला और कुपोषित बच्चों की जानकारी को इकट्ठा किया जाता है और उसे सरकार को भेज दिया जाता है। और फिर सरकार प्राप्त हुए डेटा के हिसाब से जरूरी राशन आंगनवाड़ी सेंटर पर हर महीने विभिन्न माध्यम से पहुंचा देती है। इसके बाद आंगनवाड़ी सेंटर में काम करने वाली आशा वर्कर के द्वारा फूड पैकेट का वितरण गर्भवती महिलाओं और कुपोषित बच्चों को किया जाता है। इसीलिए यदि आप योजना के बारे में अधिक जानकारी पाना चाहते हैं तो अपने नजदीकी आंगनवाड़ी सेंटर में मौजूद कर्मचारी से या फिर आशा वर्कर से संपर्क करें।

छत्तीसगढ़ सुपोषण योजना अधिकारिक वेबसाइट

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस योजना में भले ही आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है. लेकिन इस योजना का लाभ कितने लाभार्थियों को मिल चूका है. या मिल रहा है इसकी जानकारी आप छत्तीसगढ़ राज्य की सुपोषित छत्तीसगढ़ नाम से जारी की गई अधिकारिक वेबसाइट में जाकर देख सकते हैं.

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाई जा रहे सुपोषित छत्तीसगढ़ अभियान में कितने लोगों को लाभ मिल गया है और कितने लोगों को मिलने वाला है इसकी जानकारी आपको इसका pdf डाउनलोड करके भी मिल जाएगी, जोकि अधिकारिक वेबसाइट में लॉग इन करने पर मिलेगी.

हमने ऊपर आर्टिकल में आपको छत्तीसगढ़ सुपोषण योजना के बारे में जरूरी जानकारी प्रदान कर दी है। अब हम आपको नीचे योजना का हेल्पलाइन नंबर भी दे रहे हैं, ताकि आपके मन में अगर कोई सवाल उत्पन्न हो रहा है या फिर आप योजना के बारे में शिकायत को दर्ज करवाना चाहते हैं तो हेल्पलाइन नंबर आपके काम आ सके। हेल्पलाइन नंबर 1091 ।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button