बांग्लादेश में नई सरकार का बड़ा फैसला: मॉब हिंसा और कानून व्यवस्था पर सख्त रुख

बांग्लादेश में नई BNP सरकार ने मॉब हिंसा और भीड़तंत्र को बर्दाश्त न करने का साफ संदेश दिया है। कानून व्यवस्था सुधारना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता बनी है और हालात सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने का भरोसा दिया गया है।
कानून व्यवस्था सुधारना सरकार की पहली प्राथमिकता-BNP के वरिष्ठ मंत्री मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने कहा कि कानून व्यवस्था सुधारना सरकार के तीन मुख्य लक्ष्यों में से एक है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मॉब हिंसा रोकने के लिए प्रशासन हर जरूरी कदम उठाएगा और देश में शांति बहाल करने की पूरी कोशिश करेगा।
प्रधानमंत्री तारिक रहमान का 180 दिनों का एक्शन प्लान-नई सरकार ने कैबिनेट की पहली बैठक में अगले 180 दिनों के लिए एक्शन प्लान तय किया है। इसमें जरूरी सामान की कीमतों को नियंत्रित करना, कानून व्यवस्था मजबूत करना और सप्लाई चेन को स्थिर रखना शामिल है। सरकार का मानना है कि इससे देश में स्थिरता आएगी।
गृह मंत्री का सख्त बयान: भीड़तंत्र बर्दाश्त नहीं-गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने साफ कहा कि मॉब कल्चर को किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही बिजली और ऊर्जा की आपूर्ति को बनाए रखना भी सरकार की प्राथमिकता है ताकि आम जनता को कोई परेशानी न हो।
अल्पसंख्यकों और पत्रकारों पर बढ़े हमले, देश में अस्थिरता-पिछले कुछ महीनों में बांग्लादेश में मॉब हिंसा और अल्पसंख्यकों पर हमलों की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। खासकर हिंदू समुदाय को निशाना बनाया गया। यह स्थिति तब और बिगड़ी जब पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार गिर गई और अंतरिम प्रशासन बना।
रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए-मानवाधिकार संगठन Manabadhikar Shongskriti Foundation के अनुसार जनवरी 2026 में 21 हत्या और 28 मारपीट के मामले दर्ज हुए। वहीं Bangladesh Hindu Buddhist Christian Unity Council ने 2025 में 522 सांप्रदायिक हमलों की जानकारी दी। इनमें हत्या, बलात्कार और मंदिरों में तोड़फोड़ शामिल हैं।
पत्रकारों पर भी हमले, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर खतरा-अंतरिम सरकार बनने के बाद से पत्रकारों पर 640 से ज्यादा हमले हुए हैं। कई बार पत्रकारों को धमकाया गया और उनके दफ्तरों को निशाना बनाया गया। कुछ घटनाओं में भीड़ ने प्रमुख अखबारों के दफ्तरों में आग लगा दी, जिससे देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे हैं।
बांग्लादेश की नई सरकार ने कानून व्यवस्था सुधारने और मॉब हिंसा को रोकने का संकल्प लिया है। आने वाले समय में यह देखना होगा कि ये कदम देश में शांति और स्थिरता लाने में कितने सफल होते हैं।



