तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री विजय का फिल्मी अंदाज, स्टालिन के इशारे की नकल से बजी राजनीतिक चर्चा

तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री विजय का फिल्मी अंदाज, स्टालिन की नकल कर दिया बड़ा राजनीतिक संदेश-तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय, जो पहले एक सुपरस्टार थे, राजनीति में भी अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। 2026 के विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी तमिझगा वेत्री कड़गम (TVK) ने शानदार जीत हासिल की और विजय मुख्यमंत्री बने। विधानसभा में उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के एक चर्चित इशारे की नकल की। इस इशारे ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है और विजय के फिल्मी अंदाज को फिर से चर्चा में ला दिया है।
राजनीति में आए लेकिन नहीं भूले अपना फिल्मी अंदाज-विजय को लोग पहले एक अभिनेता के रूप में जानते थे, जिन्होंने तमिल सिनेमा में अपनी खास जगह बनाई। राजनीति में आने के बाद भी उनका फिल्मी अंदाज कहीं न कहीं बना रहा। मुख्यमंत्री पद की शपथ से लेकर विधानसभा में उनके हर कदम में एक अलग शैली नजर आती है। कुछ लोग इसे राजनीति में नया ट्रेंड मानते हैं, तो कुछ इसे नाटकीय भी कहते हैं। लेकिन यह बात तय है कि विजय जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत बनाए हुए हैं और उनका हर बयान चर्चा में रहता है।
विधानसभा में भाषण के दौरान लगाया पूर्व सरकार पर निशाना-विजय ने विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान विपक्ष और पूर्व डीएमके सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने पार्टी फंड के नाम पर जनता के पैसे का दुरुपयोग किया। साथ ही नशीले पदार्थों की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण नहीं कर पाई। विजय ने प्रशासनिक ढिलाई की भी बात कही, जिसका असर आम जनता पर पड़ा। उनका यह आक्रामक भाषण सत्ता पक्ष के समर्थन के बीच विपक्ष के विरोध का कारण बना।
‘हॉर्स ट्रेडिंग’ के आरोपों पर भी दिया जवाब-विधानसभा में विजय ने विपक्ष के ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ यानी विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास करती है और जनता के भरोसे सत्ता में आई है। उन्होंने समर्थकों और विधायकों का धन्यवाद किया और कहा कि सरकार विकास और प्रशासनिक सुधारों पर ध्यान देगी। उनके इस जवाब को सत्ता पक्ष ने जोरदार समर्थन दिया।
स्टालिन की नकल वाला इशारा बना चर्चा का केंद्र-विजय ने भाषण के अंत में विधानसभा अध्यक्ष की अनुमति से पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के हाथ के इशारे की नकल की, जो पहले मीडिया में वायरल हुआ था। इस इशारे का मतलब था ‘सब खत्म हो गया’ या ‘मामला समाप्त’। विजय के इस इशारे पर उनकी पार्टी के विधायक तालियां बजाकर खुश हुए, जबकि डीएमके के विधायक नाराज नजर आए। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और तमिलनाडु की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया।
आखिर क्या था स्टालिन के वायरल इशारे का मामला?-इस इशारे की कहानी इस साल की शुरुआत की है, जब स्टालिन कांग्रेस के साथ सीट बंटवारे पर बातचीत कर रहे थे। पत्रकारों के लगातार सवालों से तंग आकर उन्होंने अचानक यह इशारा किया था कि बातचीत खत्म हो चुकी है। बाद में स्टालिन ने इसे अचानक किया गया संकेत बताया। इस इशारे को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की बातें हुईं, जो अब विजय के इशारे के साथ फिर से चर्चा में हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो-विजय के इस इशारे के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। समर्थकों ने इसे राजनीतिक आत्मविश्वास और विपक्ष को जवाब देने का तरीका बताया, जबकि विरोधियों ने इसे विधानसभा की गरिमा के खिलाफ माना। कुछ ने इसे लोकतांत्रिक राजनीति का नया अंदाज बताया। वीडियो वायरल होने के बाद यह मुद्दा तमिलनाडु की राजनीति में गरमागरम बहस का विषय बन गया।
राजनीति और सिनेमा का अनोखा मेल बन रहे हैं विजय-विजय की खासियत यह है कि वे अपने फिल्मी व्यक्तित्व और राजनीतिक पहचान के बीच संतुलन बनाए रखते हैं। उनके भाषण, पहनावे और व्यवहार में फिल्मी अंदाज साफ झलकता है। राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि उनकी लोकप्रियता का बड़ा हिस्सा उनकी फिल्मी छवि का ही नतीजा है, जिसे वे राजनीति में भी इस्तेमाल कर रहे हैं। विधानसभा में दिया गया उनका यह इशारा इस बात का उदाहरण है कि वे राजनीति में भी अपनी अलग छाप छोड़ रहे हैं।



