लक्ष्मीर भंडार योजना में 30 लाख फर्जी खाते, SIT जांच में जुटी सरकार

लक्ष्मीर भंडार योजना में 30 लाख फर्जी खातों का खुलासा, जांच के लिए SIT गठित
लक्ष्मीर भंडार योजना पर उठे गंभीर सवाल-पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने लक्ष्मीर भंडार योजना में बड़ी गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में करीब 30 लाख खाते संदिग्ध या फर्जी पाए गए हैं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं ताकि योजना में हो रही अनियमितताओं का पर्दाफाश हो सके।
SIT करेगी पूरी जांच-सुवेंदु अधिकारी ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया है कि वे एक विशेष जांच दल (SIT) बनाएं। यह टीम लक्ष्मीर भंडार योजना में कथित गड़बड़ियों और फर्जी खातों की जांच करेगी। जांच के दौरान सभी दस्तावेजों और खातों की बारीकी से पड़ताल की जाएगी। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू पर भी होगी जांच-मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मामला सिर्फ फर्जी खातों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें अवैध धन हस्तांतरण की भी आशंका है। इसलिए जांच मनी लॉन्ड्रिंग के नजरिए से भी की जाएगी। यदि पता चलता है कि गलत खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर हुई है, तो यह वित्तीय अनियमितता का गंभीर मामला होगा, जिसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
पुरुषों ने भी उठाया योजना का लाभ-जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ पुरुषों ने महिला कल्याण योजना का गलत फायदा उठाया। उन्होंने गलत जानकारी देकर योजना का लाभ लिया। कुछ ऐसे लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। सरकार अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है कि यह धोखाधड़ी कितनी व्यापक है और इसमें कौन-कौन शामिल हैं।
अन्नपूर्णा भंडार योजना के फॉर्म पर दिया जवाब-सुवेंदु अधिकारी ने नई अन्नपूर्णा भंडार योजना के आवेदन फॉर्म को लेकर हो रही आलोचना पर कहा कि इस बार सत्यापन प्रक्रिया को और मजबूत किया गया है। पिछली योजना में मिली अनियमितताओं को देखते हुए लाभार्थियों की पूरी जांच जरूरी है ताकि सही लोगों तक ही मदद पहुंचे और गड़बड़ी न हो।
महिलाओं को मिलेगा बढ़ा हुआ लाभ-अधिकारियों ने बताया कि अन्नपूर्णा भंडार योजना के तहत महिलाओं को अब हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। बड़ी संख्या में महिला लाभार्थियों के खाते में यह राशि जल्द ही जमा की जाएगी। सरकार ने पारदर्शिता और जवाबदेही पर खास ध्यान दिया है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना खत्म हो।
जमीनी स्तर पर अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई-मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सरकार किसी भी तरह की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं करेगी। फर्जीवाड़े और अवैध लाभ लेने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। सरकार का मकसद है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल उन्हीं लोगों तक पहुंचे जो इसके हकदार हैं। इसी दिशा में जांच और कार्रवाई का अभियान जारी रहेगा।



