मणि शंकर अय्यर का केरल सरकार पर फिर बयान, कांग्रेस नेताओं पर साधा निशाना

मणि शंकर अय्यर का विवादित बयान: केरल सरकार की तारीफ, कांग्रेस नेताओं पर तीखा हमला-कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणि शंकर अय्यर फिर से अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। उन्होंने केरल की सीपीएम सरकार की खुले दिल से तारीफ की और कांग्रेस के उन नेताओं पर निशाना साधा, जिन्होंने उनकी आलोचना की। अय्यर ने कहा कि पिनारायी विजयन तीसरी बार भी मुख्यमंत्री बन सकते हैं।
गांधीवादी होने का दावा और केरल की प्रशंसा-अय्यर ने खुद को गांधीवादी बताया और कहा कि सच बोलना उनका धर्म है। उन्होंने केरल की पंचायती राज व्यवस्था की सफलता को खासतौर पर सराहा। उनका मानना है कि केरल ने जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत कर गरीबी उन्मूलन में बड़ा काम किया है, जो पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की सोच के अनुरूप है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं पर कड़ा हमला-मणि शंकर अय्यर ने कांग्रेस के एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल को ‘गुंडा’ कहा और शशि थरूर को ‘अवसरवादी’ बताया। साथ ही उन्होंने रमेश चेनिथला पर भी निशाना साधा। हालांकि, उन्होंने केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशान की तारीफ करते हुए उन्हें कांग्रेस का धर्मनिरपेक्ष और समाजवादी चेहरा बताया।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया और अय्यर का जवाब-अय्यर के बयान पर कांग्रेस नेताओं ने पलटवार किया और कहा कि वे अब पार्टी से जुड़े नहीं हैं। इस पर अय्यर ने कहा कि उन्हें अभी तक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से निष्कासन का कोई पत्र नहीं मिला है। इस बयान ने पार्टी में नई बहस को जन्म दिया है।
तिरुवनंतपुरम में ‘Vision 31’ सेमिनार में अय्यर की मौजूदगी-मणि शंकर अय्यर तिरुवनंतपुरम में ‘Vision 31: Development and Democracy’ नामक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में हिस्सा ले रहे हैं, जिसे केरल प्लानिंग बोर्ड ने आयोजित किया है। उनके बयान ने राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है, जो आने वाले दिनों में और चर्चा का विषय बनेगा।
मणि शंकर अय्यर के ये बयान कांग्रेस के अंदरूनी मतभेदों को उजागर करते हैं और केरल की राजनीति में भी हलचल पैदा कर रहे हैं। उनकी खुली बातों ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस को जन्म दिया है।



