दुबई से चल रही थी 2280 करोड़ की ठगी, सोशल मीडिया बना बड़ा हथियार

विदेशी ठगी का पर्दाफाश: 2280 करोड़ रुपये का धोखाधड़ी कांड-यह मामला मध्य प्रदेश के भोपाल से शुरू हुआ, लेकिन इसके तार दुबई तक फैले हुए हैं। 2280 करोड़ रुपये की भारी-भरकम धोखाधड़ी का यह मामला पूरे देश को हिलाकर रख देने वाला है।
दुबई से चल रहा था पूरा खेल-इस ठगी का मास्टरमाइंड दुबई में बैठकर भारत में अपना जाल बिछा रहा था। प्रारंभिक जाँच में लविश चौधरी नाम का शख्स इस पूरे घोटाले का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धन लेन-देन और फॉरेक्स का इस्तेमाल करके कानून से बचने की कोशिश कर रहा था।
इंटरनेशनल फंडिंग और फॉरेक्स का इस्तेमाल-आरोपियों ने इंटरनेशनल फंडिंग और फॉरेक्स ट्रांजेक्शन का इस्तेमाल करके कानून को चकमा दिया। यह तरीका काफी चालाकी भरा था और इससे ठगी का पता लगाना मुश्किल हो गया था। इस घोटाले की गंभीरता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी जांच में जुट सकता है।
एक अरब से ज़्यादा रुपये जब्त-पुलिस ने आरोपियों के खातों से एक अरब रुपये से ज़्यादा की रकम जब्त की है। यह रकम कुल ठगी का एक छोटा सा हिस्सा है, जो इस धोखाधड़ी के बड़े पैमाने को दर्शाता है। बाकी रकम की तलाश जारी है।
दस राज्यों में फैला नेटवर्क-यह गिरोह सिर्फ़ मध्य प्रदेश तक ही सीमित नहीं था, बल्कि देश के दस राज्यों में अपना नेटवर्क फैला चुका था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, खासकर टेलीग्राम का इस्तेमाल करके लोगों को निवेश के नाम पर झांसे में लिया गया।
गिरफ्तारियां और आगे की कार्रवाई-इस मामले में 17 आरोपियों की पहचान की गई है, जिनमें से दो को गिरफ्तार किया जा चुका है। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो जाएगा और सभी दोषियों को सज़ा मिलेगी।



