भोपाल में 90 डिग्री ब्रिज पर कार्रवाई तेज: दो चीफ इंजीनियर अटैच, नए अफसरों को मिला जिम्मा

ऐशबाग ब्रिज विवाद: लोक निर्माण विभाग में बड़ा फेरबदल-भोपाल के ऐशबाग में बने 90 डिग्री ब्रिज ने खूब हंगामा मचाया और अब इसकी कीमत दो वरिष्ठ इंजीनियरों को चुकानी पड़ रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग ने बड़ा फैसला लिया है।
दो इंजीनियरों को हटाया गया-ऐशबाग ब्रिज विवाद के बाद लोक निर्माण विभाग ने संजय खांडे और जीपी वर्मा नाम के दो वरिष्ठ इंजीनियरों को उनके पदों से हटाकर मुख्यालय में अटैच कर दिया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद की गई है। दोनों इंजीनियरों की जगह नए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रीवा और सेतु परिक्षेत्र में बदलाव-रीवा परिक्षेत्र के प्रभारी मुख्य अभियंता संजय खांडे की जगह अब आरएल वर्मा को जिम्मेदारी मिली है। आरएल वर्मा को रीवा के चीफ इंजीनियर का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। इसी तरह, सेतु परिक्षेत्र के प्रभारी जीपी वर्मा की जगह पीसी वर्मा को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। विभाग का कहना है कि ये बदलाव फिलहाल के लिए हैं।
मुख्यमंत्री का कड़ा रुख-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऐशबाग ब्रिज विवाद पर पहले ही अपनी नाराजगी जाहिर की थी और तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए थे। उनके निर्देशों के बाद ही यह कार्रवाई की गई है।
90 डिग्री ब्रिज विवाद: क्या है पूरा मामला?-भोपाल के ऐशबाग में बना 90 डिग्री ब्रिज सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक बताया जा रहा है। इस पर स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों ने सवाल उठाए थे, जिसके बाद सरकार को जांच और कार्रवाई करनी पड़ी।
भविष्य की उम्मीदें-नए अधिकारियों पर अब लोगों की नजरें हैं। उम्मीद है कि अब इस तरह की लापरवाहियों पर रोक लगेगी और भविष्य में परियोजनाओं में गुणवत्ता और सुरक्षा का ध्यान रखा जाएगा। लोक निर्माण विभाग ने भी भरोसा दिलाया है कि आगे ऐसी कोई चूक नहीं होगी।





