उत्तरकाशी में बादल फटने से तबाही: धराली गांव में चार मौतें, 60 से ज्यादा लोग लापता

धराली में बाढ़ का कहर: एक गांव की दास्तां
भीषण बाढ़ ने मचाई तबाही: उत्तराखंड के धराली गांव में मंगलवार को आई भीषण बाढ़ ने पूरे इलाके में हाहाकार मचा दिया। लगातार हो रही बारिश और अचानक बादल फटने से आई बाढ़ ने गांव का आधा हिस्सा तबाह कर दिया। चार लोगों की दुखद मौत हो गई और सैकड़ों लोग प्रभावित हुए हैं। घर, दुकानें, और खेत सब कुछ पानी में डूब गए। गांव वाले अपनी ज़िंदगी और ज़मीन बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह नज़ारा बेहद दर्दनाक है, और राहत कार्य में जुटे लोगों के सामने भी कई चुनौतियाँ हैं। लगातार बारिश से बचाव कार्य में बाधा आ रही है।
राहत और बचाव कार्य जारी: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद हवाई सर्वेक्षण कर हालात का जायजा लिया और राहत कार्य की निगरानी की। सेना, आईटीबीपी, और एसडीआरएफ की टीमें दिन-रात बचाव कार्य में लगी हुई हैं। सड़कें बंद होने की वजह से राहत सामग्री पहुँचाने में दिक्कत आ रही है, लेकिन अधिकारियों ने दवाइयाँ और खाने-पीने की चीज़ों की पर्याप्त व्यवस्था की है। 160 से ज़्यादा पुलिसकर्मी राहत वितरण की निगरानी कर रहे हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है और उन्हें भोजन, पानी, और कपड़ों जैसी ज़रूरी चीज़ें मुहैया कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि सरकार हर संभव मदद कर रही है।
लापता लोग और आगे का रास्ता: बाढ़ में 60 से ज़्यादा लोग लापता हैं, जिनमें 11 जवान भी शामिल हैं। सेना के MI-17 और Chinook हेलिकॉप्टरों को बचाव कार्य में लगाया गया है। 14 राज राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल हर्षवर्धन 150 जवानों के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे हैं। सेना का बेस भी बाढ़ से प्रभावित हुआ है, लेकिन जवान पूरी मेहनत से काम कर रहे हैं। यह एक बहुत बड़ी आपदा है और प्रभावित लोगों को हर तरह की मदद की ज़रूरत है। सरकार और बचाव दल मिलकर इस मुश्किल घड़ी में लोगों की मदद करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। आने वाले दिनों में पुनर्वास और पुनर्निर्माण का काम भी एक बड़ी चुनौती होगा।



