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वर्कप्लेस में AI की रफ्तार तेज, ट्रेनिंग पीछे: 71% प्रोफेशनल्स मानते हैं बदल जाएगी उनकी भूमिका

दफ्तरों में तेजी से बढ़ रहा AI का इस्तेमाल: जानिए कैसे बदल रही है हमारी काम करने की दुनिया-आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब सिर्फ तकनीकी शब्द नहीं रह गया, बल्कि यह हमारे दफ्तरों और कामकाज का अहम हिस्सा बन चुका है। हाल की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 71% प्रोफेशनल्स मानते हैं कि आने वाले कुछ सालों में AI और नए टूल्स की वजह से उनकी नौकरी की भूमिका में बड़ा बदलाव आएगा। आइए विस्तार से समझते हैं इस बदलाव की कहानी।

AI का तेजी से अपनाया जाना, लेकिन ट्रेनिंग में कमी-कंपनियां AI को तेजी से अपने कामकाज में शामिल कर रही हैं, लेकिन कर्मचारियों को इसके लिए सही ट्रेनिंग नहीं मिल पा रही। Genius HRTech की रिपोर्ट बताती है कि इस वजह से लोग AI को लेकर उत्साहित तो हैं, लेकिन साथ ही थोड़े असमंजस में भी हैं। सही तैयारी के बिना बदलाव को अपनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

1,704 प्रोफेशनल्स पर आधारित रिपोर्ट का सार-यह रिपोर्ट नवंबर 2025 में Genius HRTech और Digipoll के सहयोग से तैयार की गई, जिसमें विभिन्न सेक्टर के 1,704 प्रोफेशनल्स ने हिस्सा लिया। इसका मकसद था यह समझना कि AI दफ्तरों में किस तरह असर डाल रहा है और लोग इसे कैसे देख रहे हैं।

ट्रेनिंग की कमी सबसे बड़ी चुनौती-रिपोर्ट में सबसे बड़ा मुद्दा ट्रेनिंग का पाया गया। करीब 61% लोगों ने कहा कि उनकी कंपनियों ने AI के सही इस्तेमाल के लिए पर्याप्त गाइडेंस नहीं दी, जबकि केवल 37% को ही ठीक-ठाक ट्रेनिंग मिली है। बिना सही ट्रेनिंग के AI का सही फायदा उठाना मुश्किल हो जाता है।

AI: जरूरत या सिर्फ ट्रेंड?-AI को लेकर सोच में भी फर्क दिख रहा है। 55% प्रोफेशनल्स मानते हैं कि AI अपनाना अब मजबूरी बन चुका है, वहीं 37% का मानना है कि कई जगह इसे जरूरत से ज्यादा ट्रेंड के दबाव में अपनाया जा रहा है। यह दिखाता है कि AI को लेकर अभी भी मिश्रित भावनाएं हैं।

आने वाले 2-3 साल में बदलेंगी जिम्मेदारियां-71% प्रोफेशनल्स को लगता है कि अगले दो-तीन सालों में AI की वजह से उनकी नौकरी की भूमिका में बड़ा बदलाव आएगा। यह बदलाव उत्साह के साथ-साथ अनिश्चितता भी लेकर आ रहा है, क्योंकि लोग भविष्य को लेकर आशंकित भी हैं।

67% लोग पहले ही AI का इस्तेमाल कर रहे हैं-AI अब सिर्फ योजना बनाने तक सीमित नहीं है। लगभग 67% प्रोफेशनल्स ने बताया कि वे अपने रोजमर्रा के काम को आसान या ऑटोमेट करने के लिए AI टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह दर्शाता है कि AI तेजी से कामकाजी जीवन का हिस्सा बन रहा है।

AI से काम आसान भी हुआ, जटिल भी-69% लोगों का मानना है कि AI ने उनका काम आसान बनाया है, लेकिन 25% को लगता है कि इससे काम और जटिल हो गया है। इसका मतलब है कि जहां AI दोहराए जाने वाले काम कम कर रहा है, वहीं कुछ नई चुनौतियां भी सामने आ रही हैं।

भरोसे की कमी बनी बड़ी बाधा-AI पर भरोसा अभी पूरी तरह से नहीं बन पाया है। केवल 49% लोग बिना मैनुअल जांच के AI से मिली जानकारी पर भरोसा करते हैं। 36% इसे भरोसेमंद नहीं मानते, जबकि 15% का कहना है कि भरोसा काम के हिसाब से बदलता रहता है।

इंसान और AI का साथ ही भविष्य-Genius HRTech के चेयरमैन आरपी यादव कहते हैं कि AI अब भविष्य नहीं, बल्कि आज का हिस्सा बन चुका है। प्रोफेशनल्स इसकी तेजी पसंद करते हैं, लेकिन वे चाहते हैं कि उन्हें सही ट्रेनिंग और स्पष्ट दिशा मिले ताकि इंसान और AI मिलकर बेहतर काम कर सकें। दफ्तरों में AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ सही ट्रेनिंग और भरोसे की भी जरूरत है। आने वाले समय में इंसान और AI का तालमेल ही कामकाज की सफलता की कुंजी होगा। अगर कंपनियां इस बदलाव को समझकर सही दिशा देंगी, तो AI हमारे काम को और भी बेहतर बना सकता है।

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