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Chhattisgarh

जमीन के झगड़े ने छीनी भाई की जान: मां के सामने छोटे भाई ने पेट्रोल डालकर लगा दी आग

जमीन के झगड़े ने छीनी भाई की जान: मां के सामने छोटे भाई ने पेट्रोल डालकर लगाई आग-एक मामूली जमीन विवाद ने एक परिवार को हमेशा के लिए तोड़ दिया। छोटे भाई ने अपने बड़े भाई को कमरे में बंद कर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। यह दर्दनाक घटना पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है और लोग अब भी सदमे में हैं।

गांव पहुंचते ही शुरू हुआ विवाद-रायपुर के कृष्णकांत दुबे अपनी पत्नी मालती साहू के साथ पैतृक गांव आमगांव आए थे। यहां उनकी मां तीरथबाई और छोटा भाई दौलत दुबे रहते हैं। दोनों भाई जमीन के बंटवारे को लेकर पहले से ही उलझे हुए थे, जो इस दिन और बढ़ गया।

बातचीत से बढ़ा झगड़ा-जब कृष्णकांत ने जमीन के बंटवारे की बात छेड़ी, तो दौलत ने बात करने से साफ मना कर दिया। इससे दोनों के बीच बहस हुई, जो जल्दी ही मारपीट में बदल गई। माहौल इतना बिगड़ गया कि स्थिति बेकाबू हो गई।

मारपीट के बाद लिया खतरनाक फैसला-झगड़े में कृष्णकांत ने डंडे से दौलत पर हमला किया, जवाब में दौलत ने हंसिए से वार किया। गुस्से में दौलत ने कृष्णकांत को धान और महुआ से भरे कमरे में बंद कर दिया और बाहर से दरवाजा बंद कर दिया।

पेट्रोल डालकर लगाई आग-दौलत ने पास की दुकान से पेट्रोल लाकर कमरे में आग लगा दी। मां और मालती साहू मौके पर थीं, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि वे कृष्णकांत को बचा नहीं पाईं। यह घटना बेहद दर्दनाक और हैरान करने वाली है।

मदद के लिए पुकार, लेकिन कोई नहीं आया-आसपास के लोगों को आवाज लगाई गई, लेकिन डर या अन्य कारणों से कोई मदद को नहीं आया। इससे आग और फैल गई और स्थिति और भी भयावह हो गई। यह बात पूरे मामले को और भी दुखद बना देती है।

दमकल पहुंची, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी-आग लगने की सूचना पर दमकल की टीम आई और आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक कृष्णकांत का जला हुआ शव बाहर निकाला गया। यह दृश्य देखकर परिवार और गांव वाले स्तब्ध रह गए।

आरोपी हिरासत में, जांच जारी-पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर आरोपी दौलत दुबे को हिरासत में ले लिया है। जांच जारी है ताकि इस दर्दनाक घटना के हर पहलू को समझा जा सके और उचित कार्रवाई की जा सके।

एक विवाद ने परिवार को तोड़ दिया-यह घटना दिखाती है कि जमीन के झगड़े कैसे परिवारों को बर्बाद कर देते हैं। गुस्से में लिया गया फैसला जिंदगी भर का पछतावा बन जाता है। गांव वाले कहते हैं कि अगर समय रहते समझदारी होती तो शायद यह हादसा टल सकता था।

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