भारत को लेकर नेतन्याहू का बड़ा बयान: अमेरिका को जवाब देते हुए कहा- हमारे सबसे बड़े दोस्तों में है भारत

नेतन्याहू ने अमेरिका के बयान का दिया जवाब, भारत का नाम लिया-इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बयान का जवाब देते हुए कहा कि इजरायल के सबसे बड़े दोस्त सिर्फ अमेरिका ही नहीं हैं, बल्कि भारत भी उनके मजबूत सहयोगियों में शामिल है। जेडी वेंस ने कहा था कि इस वक्त इजरायल के पास अमेरिका ही सबसे बड़ा सहयोगी है, लेकिन नेतन्याहू ने इसे पूरी तरह सही नहीं माना। उन्होंने बताया कि भारत जैसे बड़े और भरोसेमंद देश भी इजरायल के साथ खड़े हैं। यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान और लेबनान को लेकर मतभेद बढ़ रहे हैं।
भारत का नाम लेकर नेतन्याहू ने क्या संदेश दिया?-नेतन्याहू का भारत का नाम लेना सिर्फ एक सामान्य बात नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा राजनीतिक संदेश छुपा है। उन्होंने यह साफ किया कि इजरायल के रिश्ते केवल अमेरिका तक सीमित नहीं हैं। भारत और इजरायल के बीच रक्षा, कृषि, तकनीक और सुरक्षा जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग तेजी से बढ़ा है। दोनों देशों के बीच मजबूत दोस्ताना रिश्ते हैं, जो अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी चर्चा का विषय बनते रहते हैं। नेतन्याहू का यह बयान दोनों देशों के बढ़ते संबंधों को दर्शाता है।
ईरान को लेकर अमेरिका और इजरायल के बीच क्यों बढ़ा तनाव?-ईरान को लेकर अमेरिका और इजरायल के बीच रणनीति में बड़ा फर्क है। ट्रंप प्रशासन ईरान के साथ नए समझौते को क्षेत्र में स्थिरता का रास्ता मानता है और बातचीत पर जोर देता है। वहीं इजरायल मानता है कि ईरान उसकी सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है और केवल समझौते से सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकती। इसी वजह से दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर मतभेद बढ़े हैं। जेडी वेंस का बयान इसी पृष्ठभूमि में आया था, जिसका नेतन्याहू ने जवाब दिया।
लेबनान मुद्दा भी दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ाने वाला-लेबनान को लेकर भी अमेरिका और इजरायल के बीच मतभेद हैं। इजरायल दक्षिणी लेबनान में अपनी सैन्य मौजूदगी को सुरक्षा के लिए जरूरी मानता है क्योंकि हिजबुल्लाह उसके लिए खतरा है। वहीं अमेरिका चाहता है कि सैन्य कार्रवाई कम हो और बातचीत से समाधान निकाला जाए। नेतन्याहू ने दावा किया कि लेबनान के कुछ स्थानीय ईसाई समुदाय इजरायल की सुरक्षा भूमिका का समर्थन करते हैं। इस दावे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आई हैं।
भारत-इजरायल संबंधों पर क्या होगा असर?-नेतन्याहू के बयान से साफ है कि इजरायल भारत को अपने भरोसेमंद मित्रों में गिनता है। पिछले दशक में दोनों देशों के बीच रक्षा, साइबर सुरक्षा, कृषि तकनीक और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है। भारत हमेशा संतुलित विदेश नीति अपनाता रहा है और उसके मजबूत संबंध ईरान, खाड़ी और अरब देशों के साथ भी हैं। इसलिए विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत अमेरिका-इजरायल विवाद में नहीं फसेगा और अपनी नीति पर कायम रहेगा। नेतन्याहू का बयान भारत के लिए सम्मान की बात है, लेकिन इससे भारत की विदेश नीति में बड़ा बदलाव नहीं होगा।



