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अयातुल्लाह अली खामेनेई को अंतिम विदाई: ईरान में उमड़ा जनसैलाब, संसद स्पीकर और विदेश मंत्री भी हुए भावुक

खामेनेई को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए उमड़ी भीड़-ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने के लिए राजधानी तेहरान में भारी संख्या में लोग जुटे। उनका पार्थिव शरीर आम जनता के दर्शन के लिए रखा गया था, जहां हजारों श्रद्धालु उन्हें अंतिम बार देखने पहुंचे। इस दौरान कई भावुक क्षण देखने को मिले, जिनमें ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाए। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पूरे देश में शोक का माहौल है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

संसद स्पीकर और विदेश मंत्री की भावुकता-तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला में आयोजित अंतिम दर्शन के दौरान संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने श्रद्धांजलि देते हुए आंसू रोक नहीं पाए। उनके साथ मौजूद विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी गहरे भावुक नजर आए। दोनों नेताओं ने हाल ही में अमेरिका के साथ कूटनीतिक वार्ताओं में अहम भूमिका निभाई थी, इसलिए उनका यह भावुक पल खास चर्चा में रहा। सोशल मीडिया पर उनका यह वीडियो तेजी से साझा किया जा रहा है, जो देशवासियों के दिलों को छू गया है।

अंतिम संस्कार के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम-ईरानी प्रशासन ने अंतिम संस्कार के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। यह शोक समारोह कई दिनों तक चलेगा और लाखों लोग इसमें शामिल होने की संभावना है। शनिवार से ग्रैंड मोसल्ला आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा ताकि वे अंतिम दर्शन कर सकें। तेहरान के गवर्नर ने लोगों से समय पर पहुंचने की अपील की है। सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ माहौल पर नजर रखे हुए हैं ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।

बगदाद में भी शोक का माहौल, कई देशों के प्रतिनिधि पहुंचे-अयातुल्लाह खामेनेई के निधन पर सिर्फ ईरान ही नहीं, बल्कि इराक की राजधानी बगदाद में भी शोक का माहौल है। वहां जुलूस के दिन विशेष इंतजाम किए गए हैं और कई इलाकों में बंद का ऐलान किया गया है। वहीं तेहरान में आयोजित अंतिम संस्कार में कई देशों के राष्ट्रपति, मंत्री और विदेशी प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए। इस बात से साफ है कि खामेनेई का प्रभाव सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं था, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी अहमियत थी।

भारत ने भी भेजा उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल-भारत ने भी अयातुल्लाह खामेनेई को श्रद्धांजलि देने के लिए एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेजा। बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पवित्रा मार्गेरिटा इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने शोक समारोह में हिस्सा लेकर ईरान की जनता के प्रति संवेदना व्यक्त की। भारत में ईरान के दूतावास ने भी इस दौरान की तस्वीरें साझा कीं और दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को याद किया।

कई बड़े नेता भी हुए शामिल-अंतिम संस्कार में भारत और दुनिया के कई प्रमुख नेता भी मौजूद रहे। पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती, कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद और रूस की सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव भी तेहरान पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में शामिल थे। इन नेताओं की मौजूदगी ने इस समारोह को वैश्विक महत्व दिया। इससे यह भी स्पष्ट हो गया कि अयातुल्लाह खामेनेई का प्रभाव केवल ईरान तक सीमित नहीं था, बल्कि वैश्विक राजनीति में भी उनकी अहम भूमिका थी।

 

 

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