राम मंदिर चंदा विवाद पर कांग्रेस का हमला, दान की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग

कांग्रेस ने BJP-RSS पर लगाया मामला दबाने का आरोप-अयोध्या के राम मंदिर में दान राशि की कथित गड़बड़ी को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी और आरएसएस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि इस मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है और सच्चाई छुपाई जा रही है। पार्टी ने मांग की है कि मंदिर में अब तक मिले सभी दान का पूरा हिसाब जनता के सामने रखा जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे और श्रद्धालुओं का भरोसा कायम हो।
अशोक गहलोत ने कहा- मामला गंभीर, निष्पक्ष जांच जरूरी-राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राम मंदिर दान विवाद को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और आरएसएस मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। गहलोत ने बताया कि एसआईटी बनी, एफआईआर दर्ज हुई और ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने इस्तीफा दिया, जो इस विवाद की गंभीरता दिखाता है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की।
ट्रस्ट को भंग कर नई व्यवस्था बनाने की मांग-गहलोत ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ चुके हैं। उन्होंने मांग की कि ट्रस्ट को भंग कर नई व्यवस्था बनाई जाए। कांग्रेस चाहती है कि सुप्रीम कोर्ट के किसी न्यायाधीश की निगरानी में जांच हो ताकि राजनीतिक दबाव न पड़े। साथ ही मंदिर में मिले सभी दान का रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
पीएम मोदी से जवाब देने की मांग-कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। अशोक गहलोत ने कहा कि मोदी को इस मामले पर खुलकर बात करनी चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि राम मंदिर आंदोलन के जरिए बीजेपी ने लोगों की भावनाओं से जुड़ाव बनाया था। ऐसे में विवाद सामने आने पर सरकार और प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी है कि वे पारदर्शिता दिखाएं और जनता को पूरी सच्चाई बताएं।
इस्तीफों के बाद विवाद और बढ़ा-राम मंदिर ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए हैं। कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव बनाया गया है। ट्रस्ट ने नए CEO के चयन के लिए तीन सदस्यीय सर्च कमेटी भी बनाई है। कांग्रेस का कहना है कि अगर कोई गड़बड़ी नहीं थी तो इस्तीफे क्यों हुए। ट्रस्ट का कहना है कि यह व्यवस्था मजबूत करने के लिए किया गया है।
दान प्रबंधन में बड़े बदलाव की तैयारी-ट्रस्ट ने कहा है कि भविष्य में दान प्रबंधन पूरी तरह बदला जाएगा ताकि ऐसी घटनाएं न हों। कोषाध्यक्ष गोविंद गिरी ने इसे दुखद बताया और कहा कि मंदिर की आस्था से जुड़े विवाद किसी के लिए भी अच्छा नहीं। उन्होंने चंपत राय का बचाव करते हुए कहा कि संभव है उन्होंने गलत लोगों पर भरोसा किया हो। उन्होंने बैंक की भूमिका पर सवाल उठाए और कहा कि एफआईआर पहले दर्ज होनी चाहिए थी।
कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग दोहराई-कांग्रेस लगातार सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग कर रही है। नेता पवन खेड़ा ने कहा कि इस्तीफे यह दिखाते हैं कि शिकायतें निराधार नहीं थीं। उन्होंने कहा कि जवाबदेही सिर्फ ट्रस्ट तक सीमित नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार की भूमिका भी जांच का हिस्सा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच जरूरी है।



