वैष्णो देवी यात्रा में बड़ा हादसा: भूस्खलन से 5 श्रद्धालुओं की मौत, 14 घायल

वैष्णो देवी यात्रा पर भूस्खलन का कहर: भारी बारिश ने ली 5 की जान, 14 घायल!
त्रिकुटा पर्वत पर अचानक हुआ हादसा, श्रद्धालुओं में मचा हड़कंप-जम्मू-कश्मीर के पवित्र त्रिकुटा पर्वत पर स्थित मां वैष्णो देवी धाम की यात्रा पर मंगलवार दोपहर एक दुखद घटना घटी। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया। इसी बारिश की वजह से अचानक भूस्खलन हुआ, जिसमें दुर्भाग्यवश पांच श्रद्धालुओं की जान चली गई और 14 अन्य घायल हो गए। यह दिल दहला देने वाला हादसा दोपहर करीब तीन बजे अधक्वारी के पास इंद्रप्रस्थ भोजनालय के करीब हुआ। जैसे ही इस विपदा की खबर फैली, प्रशासन और बचाव दल तुरंत हरकत में आ गए और फंसे हुए लोगों को निकालने का राहत कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया।
रास्ते में फंसे यात्री, बचाव कार्य जारी-अधिकारियों ने बताया कि यह हादसा उस जगह हुआ, जो यात्रा मार्ग के लगभग बीचों-बीच पड़ता है। यह पूरा रास्ता करीब 12 किलोमीटर लंबा है, जिस पर श्रद्धालु पैदल चलकर मां के दरबार तक पहुंचते हैं। भूस्खलन इतना अचानक और भयानक था कि आसपास मौजूद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग मलबे के नीचे दब गए, जिन्हें बचाने के लिए फौरन बचाव अभियान चलाया गया। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में ले जाया गया है, और कुछ की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है, जिससे चिंता और बढ़ गई है।
सुरक्षा को देखते हुए यात्रा रोकी गई-इस गंभीर स्थिति और बढ़ते सुरक्षा जोखिम को देखते हुए, अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से यात्रा को स्थगित करने का फैसला लिया है। पहले हिमकोटी मार्ग पर सुबह से ही यात्रा रोकी गई थी, लेकिन पुराना मार्ग दोपहर 1:30 बजे तक खुला था। जैसे ही मौसम बिगड़ा और यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई, प्रशासन ने अगले आदेशों तक पूरी यात्रा को पूरी तरह से बंद कर दिया। हजारों श्रद्धालु, जो मां के दर्शन के लिए कटरा पहुंचे थे, वे अब बेस कैंप में ही सुरक्षित ठिकानों पर रुके हुए हैं।
जम्मू-कश्मीर में बारिश का प्रकोप जारी-पिछले तीन दिनों से जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई जगहों पर जलभराव हो गया है, सड़कें बंद हो गई हैं और भूस्खलन के कारण रास्ते अवरुद्ध हो गए हैं। वैष्णो देवी यात्रा पर आया यह संकट भी इसी खराब मौसम का परिणाम है। प्रशासन लगातार स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है और सभी यात्रियों से अपील की गई है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और मौसम सामान्य होने तक यात्रा करने से बचें।



