भोपाल में गूंजा नारी शक्ति का संदेश: महिला आरक्षण से बदलेगा लोकतंत्र का चेहरा

भोपाल में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन: महिलाओं की ताकत का जश्न-15 अप्रैल को भोपाल के रवींद्र भवन में ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ का आयोजन हुआ, जहां महिलाओं की ताकत और सशक्तिकरण पर जोर दिया गया। देश के अलग-अलग हिस्सों से आई महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को एक ऐतिहासिक कदम बताया। यह सम्मेलन महिलाओं के अधिकारों और भागीदारी को बढ़ावा देने का प्रतीक बना।
मुख्यमंत्री ने किया सम्मेलन का शुभारंभ और छात्राओं को सम्मानित किया-कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की। उन्होंने बोर्ड परीक्षाओं में टॉप करने वाली छात्राओं—खुशी राय, चांदनी विश्वकर्मा और प्रतिभा सिंह सोलंकी को सम्मानित किया। यह सम्मान महिलाओं की उपलब्धियों को बढ़ावा देने और उन्हें प्रोत्साहित करने का संदेश देता है।
महिला आरक्षण से लोकतंत्र होगा और मजबूत-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में कई बड़े बदलाव हो रहे हैं। उन्होंने तीन तलाक जैसे फैसलों का जिक्र करते हुए बताया कि महिला आरक्षण से लोकतंत्र और मजबूत होगा। महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा।
इतिहास से जुड़ा नारी सम्मान का संदेश-डॉ. यादव ने रानी दुर्गावती और लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जैसे महान महिलाओं का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि महिलाओं ने हमेशा समाज को नई दिशा दी है। जब नेतृत्व महिलाओं के हाथ में होता है, तो विकास और समाज दोनों को नई ऊर्जा मिलती है, जो आज भी जारी है।
16 अप्रैल होगा महिला सशक्तिकरण का उत्सव-मुख्यमंत्री ने बताया कि 16 अप्रैल महिला सशक्तिकरण के लिए खास दिन होगा, जिसे उन्होंने होली और दीवाली जैसे बड़े त्योहारों के समान बताया। यह दिन महिला आरक्षण लागू होने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा, जिससे महिलाओं को राजनीति में ज्यादा मौके मिलेंगे।
सम्मेलन एक विचार यात्रा: महिला आरक्षण की राह आसान नहीं थी-राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने इस सम्मेलन को एक विचार यात्रा बताया। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण का रास्ता आसान नहीं था और कई बार इसे रोका गया। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह सपना अब पूरा होने जा रहा है, जिससे महिलाओं को बराबरी का अधिकार मिलेगा।
महिलाओं को मिलेगा नेतृत्व में आने का मौका-महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि इस कानून से महिलाओं को नेतृत्व में आने का बड़ा अवसर मिलेगा। विधानसभा और लोकसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण से महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और नीतिगत फैसलों में उनकी आवाज़ और मजबूत होगी।
नारी: शक्ति और प्रेरणा का प्रतीक-शिक्षाविद शोभा पेठणकर ने बताया कि भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति का रूप माना गया है। उन्होंने कहा कि नारी में प्रेम और संघर्ष दोनों की ताकत होती है। इतिहास में कई महिलाओं ने समाज को दिशा दी है और आज भी महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।


