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YouTube से ISI तक: ‘ट्रैवल विद जो’ की ज्योति मल्होत्रा की चौंकाने वाली सच्चाई

 ‘ट्रैवल विद जो’ वाली ज्योति: एक चौंकाने वाला खुलासा!- हरियाणा की मशहूर यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा, जिन्हें ‘Travel With JO’ चैनल से जाना जाता है, एक बड़े विवाद में घिर गई हैं। एनआईए की जांच में खुलासा हुआ है कि ज्योति पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की एजेंट थीं! 20 मई को पूछताछ में ज्योति ने स्वीकार किया कि वो पाकिस्तानी एजेंटों से सीधे संपर्क में थीं और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल करती थीं।

4 लाख सब्सक्राइबर: एक छलावा?- ज्योति का 4 लाख से ज़्यादा सब्सक्राइबर वाला चैनल दरअसल एक पर्दा था, जिसके पीछे भारत की संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान भेजी जा रही थी। एनआईए के सूत्रों के मुताबिक, 2023 में दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास में वीज़ा के लिए गई ज्योति की मुलाक़ात दानिश उर्फ एहसार डार से हुई। दानिश को हाल ही में भारत सरकार ने निष्कासित किया है, और वो ISI का ऑपरेटिव था। ज्योति ने पाकिस्तान से जुड़े नेटवर्क के साथ मिलकर काम किया, जिसमें अली हसन, शाकिर और राणा शाहबाज जैसे सीनियर ISI अधिकारी शामिल थे। शाकिर को ज्योति ने अपने फ़ोन में ‘जट राधवा’ नाम से सेव किया था ताकि उसकी पहचान छिपी रहे।

 डिजिटल जाल: एक खतरनाक खेल- ज्योति का ये नेटवर्क सिर्फ़ वीडियो बनाने तक सीमित नहीं था। वो लगातार डिजिटल माध्यमों से एजेंटों से जुड़ी रहती थी। व्हाट्सएप, टेलीग्राम और स्नैपचैट जैसे एन्क्रिप्टेड ऐप्स के ज़रिए वो भारत की सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी, लोकेशन डेटा और सामरिक सूचनाएं पाकिस्तान भेज रही थी। ये जानकारी सिर्फ़ टेक्स्ट मैसेज तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि वीडियो और हाई-क्वालिटी इमेज भी शामिल थीं, जो भारत की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है।

 पहलगाम आतंकी हमला: एक संदेह?- 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी। जांच एजेंसियों को शक है कि ज्योति की गतिविधियाँ इस हमले से जुड़ी हो सकती हैं। उसकी पाकिस्तान यात्राएँ और डिजिटल गतिविधियाँ इस हमले के समय के आसपास की हैं। सरकार ने इस हमले के दो दिन बाद पाकिस्तानी उच्चायोग के तीन अधिकारियों को निष्कासित कर दिया था, जिनमें दानिश भी शामिल था। अगर ज्योति की जानकारी इस हमले में इस्तेमाल हुई, तो मामला देशद्रोह और आतंकवाद से जुड़ जाएगा।

 करतारपुर यात्रा: एक आड़?- ज्योति तीन बार पाकिस्तान गई – दो बार सिख श्रद्धालुओं के साथ और एक बार करतारपुर साहिब कॉरिडोर से। शुरुआत में ये यात्राएँ धार्मिक लगती थीं, लेकिन अब शक है कि हर यात्रा में वो ISI से जुड़ी रही। इससे करतारपुर कॉरिडोर की पवित्रता को भी ठेस पहुँची है। जांच एजेंसियां उसकी यात्राओं की पूरी जानकारी जुटा रही हैं।

 गिरफ्तारी और जांच: एक गंभीर मामला- 15 मई को हिसार पुलिस ने ज्योति को हिरासत में लिया। उसके खिलाफ राजद्रोह, UAPA और ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट जैसे गंभीर आरोप हैं। एनआईए और रॉ लगातार उससे पूछताछ कर रहे हैं। जांच में उसके क्लाउड स्टोरेज और एन्क्रिप्टेड फ़ाइल्स की जांच की जा रही है, जिसमें धार्मिक स्थलों की लोकेशन, बॉर्डर एरिया की हाई-रेज़ इमेज और आर्मी मूवमेंट्स के वीडियो हो सकते हैं। ये जानकारी भारत की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है।

 ISI का डिजिटल एजेंडा: एक बड़ा खतरा- पिछले दो सालों में भारत ने ISI के लिए काम करने के आरोप में 14 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। ISI अब डिजिटल पहुँच और प्रभाव पर ज़्यादा ध्यान दे रही है। ज्योति का मामला इसी का एक उदाहरण है, जो भारत की सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती है।

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