कोल इंडिया में नया ड्रेस कोड: अब कर्मचारियों को तय ड्रेस में ही आना होगा ऑफिस, नहीं तो कटेगी सैलरी!

ऑफिस में नया अंदाज़: कोल इंडिया का यूनिफॉर्म फ़ैसला- कोल इंडिया ने अपने कर्मचारियों के लिए एक नया ड्रेस कोड लागू किया है, जिससे ऑफिस में एक नया अनुशासन और एकरूपता का माहौल बन गया है। आइए जानते हैं इस नए ड्रेस कोड के बारे में विस्तार से।
नया ड्रेस कोड: क्या पहनेंगे कोल इंडिया के कर्मचारी?- अब कोल इंडिया के पुरुष कर्मचारियों को स्काई ब्लू शर्ट और नेवी ब्लू पैंट पहनना होगा। महिला कर्मचारियों के लिए मरून साड़ी या सूट, साथ में काले रंग की सलवार या शर्ट अनिवार्य है। ड्रेस कोड का पालन न करने पर कर्मचारी को उस दिन के लिए अनुपस्थित माना जाएगा और वेतन में कटौती होगी। ये बदलाव अनुशासन और एकरूपता लाने के लिए किए गए हैं।
खर्च की चिंता दूर: कंपनी करेगी खर्च का भुगतान- ड्रेस कोड लागू करने का खर्च कर्मचारियों को खुद नहीं उठाना पड़ेगा। कोल इंडिया कंपनी ड्रेस खरीदने के लिए कर्मचारियों को राशि देगी। यह फैसला कोलकाता में अपेक्स जेसीसी कमेटी की बैठक में लिया गया, जिसमें प्रबंधन और यूनियनों के प्रतिनिधि शामिल थे। SECL में भी जल्द ही यह ड्रेस कोड लागू होगा।
एक समान पहचान: यूनिफॉर्म का उद्देश्य- लगभग 2 लाख 19 हजार 951 कर्मचारियों वाली कोल इंडिया में इस ड्रेस कोड का उद्देश्य सिर्फ अनुशासन ही नहीं, बल्कि एकरूपता और कंपनी के प्रति एक समान पहचान की भावना को भी मजबूत करना है। एक जैसे कपड़ों में कर्मचारी समानता का एहसास देंगे और कंपनी की पेशेवर छवि को निखारेंगे। इस योजना पर लगभग 2 करोड़ 75 लाख रुपये का खर्च आएगा।
क्वालिटी पर ज़ोर: नामी ब्रांड्स से कपड़े- ड्रेस की क्वालिटी को ध्यान में रखते हुए, कंपनी ने रेमंड्स, ब्लैकबेरी, लुई फिलिप्स, वर्धमान, अरविंद टेक्सटाइल और रामराज कॉटन जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड्स से कपड़े खरीदने का निर्देश दिया है। इससे कर्मचारियों को अच्छी क्वालिटी के कपड़े मिलेंगे और कंपनी की ब्रांडेड और पेशेवर छवि और मजबूत होगी।
महत्वपूर्ण बैठक: कैसे हुआ फैसला?- यह फैसला 21 मार्च 2025 को कोलकाता में हुई अपेक्स जेसीसी कमेटी की बैठक में लिया गया। बैठक में केशव राव, गौतम बनर्जी, सुजीत सिंह (बीएमएस), विनय सिंह (एचएमएस), अजय कुमार (एआईटीयूसी) और मनोज टेथीय (सीआईटीयू) जैसे कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए और इस ड्रेस कोड पर अपनी सहमति दी।



