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भारतीय सर्विस सेक्टर ने तोड़ा 15 साल का रिकॉर्ड, अगस्त में दिखी सबसे तेज़ ग्रोथ

भारत के सर्विस सेक्टर में गजब की उछाल! 15 साल का रिकॉर्ड टूटा, नए ऑर्डर से अर्थव्यवस्था को मिली नई जान!

अगस्त में सर्विस सेक्टर ने दिखाई अपनी धाक: PMI इंडेक्स ने रचा इतिहास!-सोचिए, जैसे किसी लंबे इंतज़ार के बाद कोई बड़ी खुशखबरी आ जाए, कुछ वैसा ही हाल भारत के सर्विस सेक्टर का अगस्त महीने में रहा। एक ताज़ा सर्वे सामने आया है, जिसने सबको हैरान कर दिया है। इस सर्वे के मुताबिक, सर्विस सेक्टर में नए ऑर्डर और आउटपुट में इतनी ज़बरदस्त तेज़ी आई है कि पूछिए मत! इसकी वजह से बाज़ार में मांग की हालत में भी काफी सुधार देखा गया है। और सबसे बड़ी बात ये है कि सर्विस सेक्टर की ग्रोथ ने पिछले 15 सालों का अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया है। HSBC इंडिया सर्विसेज़ PMI बिज़नेस एक्टिविटी इंडेक्स अगस्त में 62.9 पर पहुँच गया, जो जुलाई के 60.5 से काफी ज़्यादा है। ये तो जून 2010 के बाद का सबसे तेज़ ग्रोथ का आंकड़ा है। आपको बता दें कि PMI का मतलब होता है Purchasing Managers’ Index. इसमें 50 से ऊपर का स्कोर अच्छी ग्रोथ को दिखाता है, जबकि 50 से नीचे का स्कोर गिरावट का संकेत देता है। तो आप समझ ही गए होंगे कि इस बार सर्विस सेक्टर ने क्या कमाल कर दिखाया है!

मांग और नए ऑर्डरों की बहार: सेक्टर की रफ़्तार हुई दोगुनी!-इस सर्वे की मानें तो अगस्त के महीने में मांग इतनी तेज़ हुई कि नए ऑर्डर और बिज़नेस एक्टिविटीज़ पिछले 15 सालों के सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँच गईं। ये वाकई में बहुत बड़ी बात है। और इसमें सबसे खास बात ये रही कि सिर्फ अपने देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी मांग में ज़बरदस्त उछाल आया। सितंबर 2014 के बाद से, विदेशी बिक्री में यह तीसरी सबसे बड़ी तेज़ी देखी गई है। एशिया, यूरोप, मिडिल ईस्ट और अमेरिका जैसे देशों से भारत को खूब अच्छे ऑर्डर मिले हैं, जिससे यह साबित होता है कि दुनिया भर में भारतीय सेवाओं की मांग बढ़ रही है। इस बढ़ी हुई मांग का सीधा असर सेक्टर की रफ़्तार पर पड़ा है और इसने ग्रोथ को नई ऊंचाइयाँ दी हैं।

नौकरियों में बढ़ोतरी और कंपनियों की नई सोच: भविष्य की तैयारी ज़ोरों पर!-जब मांग बढ़ती है, तो उसका सीधा असर रोज़गार पर भी पड़ता है। यही हुआ अगस्त में, जब सर्विस सेक्टर की कंपनियों ने नए लोगों को नौकरी पर रखना शुरू किया। काम का बोझ बढ़ने और ग्राहकों की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए, ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को हायर करने का सिलसिला जारी रहा। हाँ, ये भी सच है कि इस दौरान लेबर कॉस्ट और बिज़नेस से जुड़े खर्चे थोड़े बढ़े, लेकिन कंपनियों ने इसे बड़ी समझदारी से संभाला। उन्होंने अपनी सेवाओं की कीमतों में थोड़ी-बहुत बढ़ोतरी की, जिसे ग्राहकों ने भी स्वीकार किया क्योंकि मांग अच्छी थी। यह दिखाता है कि कंपनियां भविष्य के लिए कितनी तैयार हैं और वे अपनी ग्रोथ को बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठा रही हैं।

महंगाई का असर और कीमतों में तेज़ी: क्या ग्राहकों पर पड़ेगा भारी?-अगस्त के महीने में महंगाई की रफ़्तार भी तेज़ हुई और यह पिछले नौ महीनों के सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँच गई। सर्विस सेक्टर की कंपनियों ने अपनी सेवाओं की कीमतों में, यानी आउटपुट चार्जेस में, जुलाई 2012 के बाद सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी की। लेकिन अच्छी बात ये रही कि मांग इतनी अच्छी थी कि ग्राहकों ने इस प्राइस हाइक को आसानी से स्वीकार कर लिया। इसका मतलब यह है कि भले ही कीमतें बढ़ीं, लेकिन सेवाओं की ज़रूरत और मांग इतनी ज़्यादा थी कि लोगों ने इसके लिए भुगतान करने में कोई हिचकिचाहट नहीं दिखाई। यह कंपनियों के लिए एक बड़ी राहत की बात है और उनकी मज़बूत स्थिति को दर्शाता है।

आने वाले साल के लिए उम्मीदें और बढ़ता हुआ भरोसा: सेक्टर की चमक बरकरार!-कंपनियों ने साफ़ तौर पर कहा है कि आने वाले महीनों में वे और भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रही हैं। अगस्त में, भविष्य को लेकर उनकी उम्मीदें पाँच महीनों के सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँच गईं। कई कंपनियों को इस बात का पूरा भरोसा है कि नई हायरिंग और अपने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने से वे ज़्यादा काम को आसानी से संभाल पाएंगी और भविष्य में और भी अच्छे नतीजे हासिल करेंगी। यह सकारात्मक नज़रिया सेक्टर के लिए बहुत ज़रूरी है और यह दिखाता है कि भारतीय सर्विस सेक्टर मज़बूती से आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में भी अच्छा प्रदर्शन जारी रखेगा।

मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर दोनों का दमदार प्रदर्शन: भारत की अर्थव्यवस्था को मिली नई उड़ान!-ये सिर्फ़ सर्विस सेक्टर की बात नहीं है, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने भी अगस्त में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा। इसी वजह से HSBC इंडिया कम्पोज़िट PMI आउटपुट इंडेक्स, जो जुलाई में 61.1 था, बढ़कर 63.2 हो गया। ये पिछले 17 सालों में सबसे तेज़ ग्रोथ का आंकड़ा है। इसका सीधा मतलब यही है कि भारत का कुल उत्पादन, यानी मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर मिलकर, बहुत ही मज़बूत स्थिति में हैं। यह एक बहुत ही अच्छी खबर है जो भारतीय अर्थव्यवस्था की समग्र ताकत को दर्शाती है और भविष्य के लिए एक मज़बूत संकेत देती है।

सर्वे से मिली बड़ी तस्वीर: भारत का सर्विस सेक्टर लगातार मज़बूती की ओर!-ये सारा डेटा S&P Global द्वारा तैयार किया गया है, जिसमें लगभग 400 सर्विस सेक्टर कंपनियों से उनकी राय ली गई। यह रिपोर्ट साफ़ तौर पर दिखाती है कि भारत का सर्विस सेक्टर लगातार मज़बूती की ओर बढ़ रहा है। घरेलू और विदेशी, दोनों ही तरह की मांगों में आया उछाल इस इंडस्ट्री को नई रफ़्तार दे रहा है। यह दर्शाता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था सही दिशा में आगे बढ़ रही है और भविष्य में और भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।

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