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अगस्त में खुदरा महंगाई में हल्की बढ़ोतरी, जानें किन चीज़ों के दाम बढ़े

अगस्त में खुदरा महंगाई में उछाल: आपकी थाली पर कितना असर?

सब्ज़ियों, मांस और मछली ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें-अगस्त 2025 का महीना आम आदमी के लिए थोड़ा महंगा साबित हुआ है। नेशनल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस (NSO) की तरफ से जारी की गई नई रिपोर्ट के अनुसार, खुदरा महंगाई की दर में थोड़ी बढ़ोतरी देखी गई है। यह दर पहले 1.61% थी, जो अब बढ़कर 2.07% हो गई है। इस बढ़ोतरी के पीछे सबसे बड़ा हाथ सब्ज़ियों, मांस और मछली जैसी रोज़मर्रा की ज़रूरी चीज़ों के दामों में आई तेज़ी का है। इनके अलावा, अंडे, तेल-घी और पर्सनल केयर से जुड़े सामानों की कीमतों में भी इज़ाफा हुआ है। जब ऐसी चीज़ें महंगी होती हैं, तो सीधे तौर पर हमारे घर के बजट पर असर पड़ता है, और छोटी सी बढ़ोतरी भी बहुत ज़्यादा महसूस होती है।

 पिछले साल के मुकाबले महंगाई में आई कमी, पर इस बार थोड़ी चिंता-अगर हम पिछले साल, यानी अगस्त 2024 से तुलना करें, तो उस समय महंगाई की दर 3.65% थी। इस लिहाज़ से देखा जाए तो इस साल महंगाई औसतन कम ही रही है। सालाना आधार पर देखें तो अगस्त 2025 में महंगाई दर (-)0.69% दर्ज की गई है। इसका सीधा मतलब यह है कि पिछले साल के मुकाबले कुछ चीज़ों के दाम वास्तव में कम हुए हैं। लेकिन, इस साल अगस्त महीने में रोज़मर्रा की ज़रूरत की चीज़ों के दामों में अचानक आई तेज़ी ने उस राहत को थोड़ा फीका कर दिया है, जिससे लोगों को थोड़ी परेशानी महसूस हो रही है।

रिज़र्व बैंक का लक्ष्य और वर्तमान स्थिति: क्या है चिंता की बात?-सरकार ने भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) को यह ज़िम्मेदारी सौंपी है कि महंगाई को 4% के आसपास बनाए रखा जाए, जिसमें 2% ऊपर या नीचे जाने की गुंजाइश भी है। यानी, महंगाई की दर 2% से 6% के बीच रहनी चाहिए। मौजूदा समय में 2.07% की महंगाई दर RBI के तय किए गए दायरे में ही है, इसलिए इसे अभी कोई बड़ी चिंता की बात नहीं माना जा रहा है। हालांकि, अगर आने वाले महीनों में खाने-पीने की चीज़ों के दाम इसी तरह बढ़ते रहे, तो इसका असर न केवल आम जनता की जेब पर पड़ेगा, बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था पर भी इसका असर दिख सकता है।

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