Gold Rate Today: नए साल से पहले सोने ने पकड़ी रफ्तार, जानें 12 दिसंबर के ताज़ा भाव

सोने की कीमतों में अचानक तेजी: निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी और बाजार की चाल- सोने की कीमतों में तेजी का नया दौर
नए साल से पहले सोने की कीमतों में फिर से तेजी देखने को मिली है। 12 दिसंबर की सुबह दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,30,910 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई, जबकि मुंबई में यह ₹1,30,760 रही। इस उछाल के पीछे अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर में 0.25% की कटौती है, जिससे निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश यानी सोने की ओर बढ़ा है। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि आगे कीमतें और बढ़ेंगी या थोड़ी गिरावट आएगी, लेकिन बाजार में सतर्कता बनी हुई है।
फेडरल रिजर्व की दरों में कटौती और वैश्विक बाजार का असर- जब अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरें घटाता है, तो निवेशक सोने की ओर आकर्षित होते हैं क्योंकि यह एक सुरक्षित और स्थिर निवेश माना जाता है। ब्याज दरों में कमी से बॉन्ड यील्ड पर असर पड़ता है, जिससे सोने की मांग बढ़ती है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय स्पॉट रेट और विदेशी मुद्रा बाजार की हलचल भी भारत में सोने की कीमतों को प्रभावित करती है। दिसंबर में वैश्विक बाजार की मजबूती के कारण सोना लगातार मजबूत होता जा रहा है।
देश के प्रमुख शहरों में सोने के रेट्स का हाल- 12 दिसंबर 2025 को दिल्ली, जयपुर और लखनऊ जैसे शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,30,910 तक पहुंच गई है। मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और हैदराबाद में 24 कैरेट सोना ₹1,30,760 प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड कर रहा है। 22 कैरेट सोने की कीमतें ₹1,19,860 से ₹1,20,010 के बीच हैं। वहीं 18 कैरेट सोना लगभग ₹98,210 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बना हुआ है। स्थानीय मांग और स्टॉक के आधार पर कीमतों में थोड़े-बहुत बदलाव होते रहते हैं।
चांदी की कीमतों में भी तेजी, रिकॉर्ड स्तर के करीब- सोने की तरह चांदी की कीमतों में भी मजबूती बनी हुई है। 12 दिसंबर को चांदी की कीमत लगभग ₹2,01,100 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है, जो हाल के महीनों में रिकॉर्ड स्तर के करीब है। घरेलू बाजार में चांदी की मांग बढ़ रही है क्योंकि इसका इस्तेमाल आभूषणों के अलावा औद्योगिक क्षेत्रों में भी होता है। ग्लोबल सप्लाई में कमी और घरेलू मांग के बढ़ने से चांदी की कीमतों में तेजी आई है।
भारत में सोने की कीमतें किन कारणों से बदलती हैं?- भारत में सोने की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करती हैं। सबसे पहले अंतरराष्ट्रीय स्पॉट मार्केट में सोने का भाव सीधे भारतीय रेट को प्रभावित करता है। डॉलर-रुपया विनिमय दर भी अहम भूमिका निभाती है—जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोना महंगा हो जाता है। इसके अलावा आयात शुल्क, कस्टम ड्यूटी और टैक्स भी कीमतों को प्रभावित करते हैं। स्थानीय बाजार की मांग-सप्लाई और त्योहार या शादी के सीजन में खरीदारी बढ़ने से भी कीमतें ऊपर-नीचे होती हैं। इसलिए सोना खरीदने से पहले ताजा रेट जरूर देखना चाहिए।



