सोने-चांदी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड: सुरक्षित निवेश की ओर झुके निवेशक, कीमतें नई ऊंचाई पर

भू-राजनीतिक तनाव और ब्याज दरों की उम्मीदों ने चमकाया सोना-चांदी का बाजार- बाजार में सोना-चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल, मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में भारी तेजी देखने को मिली, जिससे दोनों कीमती धातुओं ने नए रिकॉर्ड बना लिए। दुनिया भर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अगले साल अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर आकर्षित किया। इस वजह से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोना-चांदी की कीमतें ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गईं।
MCX पर सोना बना रिकॉर्ड, निवेशकों का भरोसा बढ़ा-मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर फरवरी डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव में लगातार दूसरे दिन तेजी दर्ज हुई। सोना 1,637 रुपये यानी करीब 1.2% की बढ़त के साथ 1,38,381 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि शेयर बाजार की अनिश्चितता के बीच निवेशक सोने को सबसे सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं, जिससे इसकी मांग और कीमत दोनों बढ़ रही हैं।
चांदी ने भी दिखाया दम, तीसरे दिन भी तेजी जारी-चांदी की कीमतों ने भी सोने के साथ तालमेल बिठाया और तीसरे दिन लगातार तेजी दर्ज की। मार्च 2026 कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी MCX पर 3,724 रुपये यानी 1.75% की बढ़त के साथ 2,16,596 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। औद्योगिक मांग और सुरक्षित निवेश की वजह से चांदी को मजबूती मिल रही है, जो इसकी कीमतों को लगातार ऊपर ले जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना-चांदी की चमक-विदेशी बाजारों में भी सोने और चांदी की चमक देखने को मिली। कॉमेक्स पर फरवरी डिलीवरी वाले सोने का भाव 61.4 डॉलर यानी 1.37% बढ़कर 4,530.8 डॉलर प्रति औंस के नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। वहीं चांदी ने पहली बार 70 डॉलर का आंकड़ा पार किया। चांदी के वायदा भाव 1.59 डॉलर या 2.32% की बढ़त के साथ 70.15 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गए, जो अपने आप में एक नया रिकॉर्ड है।
फेड की नीति और महंगाई पर निवेशकों की नजर-रिलायंस सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी के अनुसार, इस साल सोना अब तक करीब 50 बार रिकॉर्ड बना चुका है। निवेशक मान रहे हैं कि अमेरिका में महंगाई धीरे-धीरे काबू में आ रही है और श्रम बाजार भी ठंडा पड़ रहा है। इसी कारण अगले साल फेडरल रिजर्व दो बार ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। बाजार अब अमेरिका के तीसरी तिमाही के GDP आंकड़ों पर भी नजर बनाए हुए है, जो आगे की दिशा तय करेंगे।
अमेरिका-वेनेजुएला तनाव ने बढ़ाई सुरक्षित निवेश की मांग-सोने और चांदी को अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते तनाव से भी मजबूती मिली है। वॉशिंगटन द्वारा क्षेत्र में नौसैनिक नाकेबंदी कड़ी करने और तेल टैंकरों की जब्ती के बाद वैश्विक अनिश्चितता बढ़ गई है। ऐसे माहौल में निवेशक जोखिम भरे एसेट्स से दूर होकर बुलियन की ओर रुख कर रहे हैं। इस वजह से सोना इस साल अब तक करीब 70% की बढ़त के साथ 1979 के बाद सबसे बड़ी सालाना तेजी पर है।



