सिनेमा से विधानसभा तक: ‘थलपति’ विजय की एंट्री ने बदली सियासत की चाल

सिनेमा से विधानसभा तक: ‘थलपति’ विजय की एंट्री ने बदली तमिलनाडु की राजनीति-तमिलनाडु की राजनीति में एक नया चेहरा पूरी ताकत के साथ उभरा है। विजय ने अपनी पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) के साथ चुनावी मैदान में कदम रखा और ऐसा असर दिखाया कि राज्य की पारंपरिक राजनीति में हलचल मच गई। उनकी जीत को सिर्फ चुनावी सफलता नहीं, बल्कि एक नए राजनीतिक दौर की शुरुआत माना जा रहा है।
पेरंबूर सीट से मिली जबरदस्त जीत-पेरंबूर विधानसभा सीट से विजय ने शानदार जीत दर्ज की। उन्होंने आर डी शेखर को हराकर अपनी राजनीतिक ताकत का पहला बड़ा प्रदर्शन किया। 23 अप्रैल को हुए चुनाव के नतीजों ने साफ कर दिया कि जनता ने उन्हें सिर्फ सिनेमा का स्टार नहीं, बल्कि एक सशक्त नेता के रूप में स्वीकार किया है।
काउंटिंग सेंटर पर दिखा भारी उत्साह-लॉयला कॉलेज स्थित काउंटिंग सेंटर के बाहर विजय के समर्थकों का भारी जमावड़ा था। पीले और मैरून रंग के झंडों से पूरा इलाका रंगीन हो गया था। यह नजारा दर्शाता है कि विजय की लोकप्रियता फिल्मों से आगे बढ़कर राजनीति में भी गहरी पैठ बना चुकी है।
तिरुचिरापल्ली ईस्ट में भी बढ़त-विजय ने सिर्फ पेरंबूर सीट पर ही नहीं, बल्कि तिरुचिरापल्ली ईस्ट विधानसभा क्षेत्र में भी मजबूत बढ़त बनाई है। यहां उनकी स्थिति भी काफी मजबूत नजर आ रही है। यह साफ संकेत है कि उनकी पकड़ तमिलनाडु के कई हिस्सों में तेजी से मजबूत हो रही है।
दो दलों की राजनीति को चुनौती-तमिलनाडु में लंबे समय से दो बड़े राजनीतिक दलों का दबदबा रहा है, लेकिन विजय की एंट्री ने इस समीकरण को पूरी तरह बदल दिया है। उनकी जीत से यह साफ हो गया है कि जनता अब नए विकल्प की तलाश में है और पारंपरिक राजनीति से हटकर कुछ नया देखना चाहती है।
राजनीति में नए युग की शुरुआत-विजय की यह जीत सिर्फ एक चुनावी सफलता नहीं, बल्कि तमिलनाडु की राजनीति में बदलाव का संकेत है। सिनेमा से सीधे विधानसभा तक पहुंचना आसान नहीं होता, लेकिन विजय ने यह कर दिखाया। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि वे राजनीति में किस तरह की भूमिका निभाएंगे और राज्य की दिशा कैसे बदलेंगे।



