एशिया कप में भारत-पाक मैच पर शिवसेना (UBT) का सवाल: “खून और क्रिकेट साथ कैसे चल सकते हैं?”

भारत-पाकिस्तान मैच पर संजय राउत का तीखा प्रहार: क्या ‘खून और क्रिकेट’ साथ चल सकते हैं?-शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले क्रिकेट मैच को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल जैसे संगठनों की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान को याद दिलाया जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘खून और पानी साथ-साथ नहीं बह सकते’। इसी कड़ी में, उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश आतंकवाद से जूझ रहा है, तो ऐसे समय में क्रिकेट का आयोजन कैसे उचित हो सकता है? यह बयान देश की सुरक्षा और शहीदों के प्रति सम्मान से जुड़ा एक गंभीर प्रश्न खड़ा करता है, जिस पर देश के प्रमुख संगठनों की चुप्पी चिंताजनक है।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बीच क्रिकेट मैच की इजाज़त पर सवाल?-संजय राउत ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब देश में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे अभियान चल रहे हैं, जो कहीं न कहीं पाकिस्तान के खिलाफ एक मजबूत संदेश देने का प्रयास है, तो ऐसे में भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच की अनुमति कैसे दी जा सकती है? उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे कोई भी तर्क दे सकते हैं, लेकिन असली सवाल तो RSS, VHP और बजरंग दल से है कि क्या वे इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर चुप रहेंगे? राउत ने इस मैच के आयोजन को ‘देशद्रोह’ और ‘बेशर्मी’ करार दिया और घोषणा की कि शिवसेना (UBT) इस आयोजन के विरोध में ‘सिंदूर रक्षा अभियान’ चलाएगी, जो देश की भावनाओं का प्रतीक होगा।
हजारों महिलाएं भेजेंगी सिंदूर: शहीदों के सम्मान में विरोध प्रदर्शन-संजय राउत ने बताया कि महाराष्ट्र की हजारों महिलाएं इस मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज कराने के लिए प्रधानमंत्री तक सिंदूर पहुंचाएंगी। उनका कहना है कि यह केवल एक खेल आयोजन का मामला नहीं है, बल्कि यह देश की सुरक्षा, हमारे सैनिकों के बलिदान और राष्ट्र के सम्मान से जुड़ा एक बड़ा सवाल है। राउत ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी इस मैच के आयोजन का पुरजोर विरोध करेगी और इसे रोकने के लिए सड़क पर उतरने से भी पीछे नहीं हटेगी। यह पहल देश के उन वीर जवानों के प्रति श्रद्धांजलि है जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।
पाहलगाम हमले के जख्म अब भी ताजे हैं-संजय राउत ने पाहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि उस हमले में शहीद हुए 26 जवानों के परिवारों की माताओं और बहनों के माथे का सिंदूर मिट गया था। उन परिवारों का दर्द अभी भी कम नहीं हुआ है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जब पाकिस्तान पर दबाव बनाने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे कदम उठाए जा रहे हैं, तो ऐसे में क्रिकेट जैसे आयोजन की अनुमति देना उन शहीदों के परिवारों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा नहीं है क्या? यह फैसला उन परिवारों के बलिदान और उनकी पीड़ा का अपमान है, और देश को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
क्या भाजपा मंत्रियों के बच्चे देखेंगे मैच? देशद्रोह का आरोप-संजय राउत ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर यह भी लिखा कि यह बहुप्रतीक्षित भारत-पाकिस्तान मैच 14 सितंबर को अबू धाबी में आयोजित होने वाला है। उन्होंने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा के नेताओं और मंत्रियों के बच्चे निश्चित रूप से इस मैच को देखने के लिए वहां जाएंगे। राउत ने इस पूरे आयोजन को सीधे तौर पर ‘देशद्रोह’ की संज्ञा दी और कहा कि सरकार अपने ही देश के शहीदों के बलिदान का इस तरह अपमान कर रही है, जो किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। यह बयान देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय गौरव पर एक गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाता है।



