टेक्नो पेंट्स का बड़ा दांव: IPO की तैयारी, सचिन तेंदुलकर बने ब्रांड एंबेसडर, देश-विदेश में विस्तार का प्लान

टेक्नो पेंट्स एंड केमिकल्स की बड़ी योजना: अगले वित्त वर्ष में ₹500 करोड़ जुटाने का लक्ष्य-टेक्नो पेंट्स एंड केमिकल्स अगले वित्त वर्ष में आईपीओ के जरिए लगभग 500 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी कर रही है। कंपनी इस फंड का इस्तेमाल विस्तार, नई यूनिट्स लगाने और देशभर में अपने ब्रांड को मजबूत करने में करेगी। आईपीओ की तैयारियां पहले ही शुरू हो चुकी हैं।
सचिन तेंदुलकर बने तीन साल के लिए ब्रांड एंबेसडर-कंपनी ने क्रिकेट के महान खिलाड़ी और भारत रत्न सचिन तेंदुलकर को तीन साल के लिए अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया है। कंपनी का मानना है कि सचिन के जुड़ने से ब्रांड को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और भरोसा मिलेगा, जिससे नए बाजारों में पहुंच आसान होगी।
चेयरमैन का विश्वास: सचिन से जुड़कर बड़े लक्ष्य हासिल होंगे-टेक्नो पेंट्स के चेयरमैन अकुरी श्रीनिवास रेड्डी ने कहा कि सचिन तेंदुलकर जैसे आइकन के साथ जुड़ना कंपनी के लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि इस साल कंपनी के लिए विस्तार और आईपीओ दोनों बड़े लक्ष्य हैं, और सचिन इस ग्रोथ में सबसे सही साथी साबित होंगे।
पहले महेश बाबू थे कंपनी का चेहरा-2023 में कंपनी ने फिल्म अभिनेता महेश बाबू को अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया था। उन्होंने दो साल तक इस भूमिका को निभाया और दक्षिण भारत में ब्रांड की पहचान बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। अब कंपनी ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान के लिए सचिन तेंदुलकर को चुना है।
कमाई में तेजी, 2030 तक ₹2,000 करोड़ का लक्ष्य-रेड्डी के मुताबिक, 2024-25 में कंपनी का रेवेन्यू 210 करोड़ रुपये था, जबकि इस वित्त वर्ष में यह 450 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है। कंपनी ने 2029-30 तक 2,000 करोड़ रुपये के टर्नओवर का बड़ा लक्ष्य रखा है।
3,000 से ज्यादा रंगों के शेड्स और विविध पेंट्स का उत्पादन-टेक्नो पेंट्स डेकोरेटिव, इंडस्ट्रियल और स्पेशलिटी पेंट्स बनाती है। डेकोरेटिव सेगमेंट में कंपनी के पास 3,000 से ज्यादा रंगों के शेड्स हैं। फिलहाल कंपनी तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, ओडिशा और चंडीगढ़ में सक्रिय है।
नए राज्यों और मिडिल ईस्ट तक विस्तार की योजना-कंपनी इस साल के अंत तक हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में विस्तार करने की तैयारी कर रही है। साथ ही 2026-27 तक मिडिल ईस्ट में भी कदम रखने की योजना है, जिससे टेक्नो पेंट्स को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।



