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ईरान संकट पर भारत का बड़ा एक्शन: 24 घंटे में शुरू हो सकता है रेस्क्यू ऑपरेशन, भारतीयों को सुरक्षित निकालने की तेज तैयारी

ईरान में बिगड़े हालात, भारत ने तेज की अपने नागरिकों की वापसी की तैयारी-पश्चिम एशिया के देश ईरान में स्थिति तेजी से खराब होती जा रही है। बढ़ते विरोध प्रदर्शन, गृहयुद्ध जैसे हालात और आर्थिक संकट के बीच भारत सरकार ने वहां फंसे अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने की तैयारी तेज कर दी है। विदेश मंत्रालय ने एक बड़ा रेस्क्यू प्लान बनाया है और अगले 24 घंटे में पहली विशेष उड़ान भारत लौट सकती है।

10 हजार से ज्यादा भारतीय फंसे, मेडिकल छात्र सबसे ज्यादा प्रभावित-ईरान में महंगाई और आर्थिक गिरावट के खिलाफ शुरू हुए प्रदर्शन अब पूरे देश में फैल चुके हैं। हिंसा की खबरें आ रही हैं और हजारों लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। इस बीच करीब 10,000 भारतीय वहां फंसे हैं, जिनमें ज्यादातर मेडिकल छात्र हैं। ये छात्र हालात को लेकर काफी चिंतित हैं और जल्द वापसी की उम्मीद में हैं।

दूतावास ने जारी किया ‘प्रस्थान अलर्ट’, दी सख्त सलाह-तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने ‘प्रस्थान अलर्ट’ जारी करते हुए कहा है कि भारतीय नागरिक प्रदर्शन वाले इलाकों से दूर रहें और अगर संभव हो तो तुरंत ईरान छोड़ दें। दूतावास लगातार लोगों से संपर्क में है और हर जरूरी जानकारी साझा कर रहा है ताकि कोई परेशानी न हो।

अगले 24 घंटे में शुरू होगा रेस्क्यू ऑपरेशन का पहला चरण-विदेश मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, अगले 24 घंटे में रेस्क्यू ऑपरेशन का पहला चरण शुरू हो सकता है। इसी दौरान पहली विशेष उड़ान के जरिए भारतीयों को भारत लाने की तैयारी है। सरकार हालात की गंभीरता को देखते हुए पूरी प्रक्रिया युद्धस्तर पर कर रही है ताकि कोई देरी न हो।

सुबह 8 बजे तक तैयार रहने के निर्देश-निकासी सूची में शामिल भारतीयों को कहा गया है कि वे सुबह 8 बजे तक पूरी तरह तैयार रहें। उन्हें जरूरी सामान सीमित रखने और दूतावास से संपर्क में रहने को कहा गया है ताकि जैसे ही उड़ान की मंजूरी मिले, तुरंत निकासी शुरू हो सके और कोई अव्यवस्था न हो।

दस्तावेजों की जांच पर खास ध्यान, छात्रों को चेतावनी-मेडिकल छात्र और अन्य भारतीय नागरिकों को अपने पासपोर्ट, वैध वीजा और जरूरी यात्रा दस्तावेज एक जगह तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि निकासी के वक्त किसी भी तकनीकी अड़चन से बचने के लिए दस्तावेज पूरे होने जरूरी हैं ताकि किसी का नाम आखिरी समय में न अटके।

भारत-ईरान सरकारों के बीच उड़ानों को लेकर अंतिम बातचीत-भारत और ईरान की सरकारों के बीच विशेष उड़ानों के लिए जरूरी मंजूरी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। हवाई मार्ग, सुरक्षा और एयरपोर्ट व्यवस्था पर बातचीत जारी है। भारत चाहता है कि जैसे ही मंजूरी मिले, तुरंत विमानों को रवाना किया जाए और सबसे पहले जरूरतमंद नागरिकों को निकाला जाए।

आर्थिक संकट के कारण बढ़ी अशांति-ईरान में बढ़ती अशांति का सबसे बड़ा कारण आर्थिक संकट है। ईरानी रियाल की कीमत में भारी गिरावट आई है, जिससे महंगाई बढ़ गई है। रोजमर्रा की जरूरतें आम लोगों की पहुंच से बाहर हो रही हैं, जिससे गुस्सा और विरोध प्रदर्शन तेज हो रहे हैं।

महंगाई से शुरू हुआ आंदोलन अब सत्ता विरोधी बन गया-शुरुआती विरोध महंगाई के खिलाफ था, लेकिन अब यह आंदोलन सत्ता विरोधी हो चुका है। देश के कई बड़े शहरों में प्रदर्शन जारी हैं। सरकारी इमारतों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है, लेकिन हालात अभी भी काबू में नहीं हैं और तनाव बढ़ता जा रहा है।

हिंसा और सख्ती के बीच हजारों मौतों के दावे-मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि प्रदर्शन दबाने के दौरान हजारों लोग मारे गए हैं। कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं भी बाधित हैं। सुरक्षा बलों की सख्ती और प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ने से हालात और बिगड़ गए हैं, जिससे विदेशी नागरिकों की सुरक्षा पर चिंता बढ़ गई है।

भारतीय दूतावास ने नई ट्रैवल एडवाइजरी जारी की-तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों से अपील की है कि फिलहाल ईरान की यात्रा न करें। जो पहले से वहां हैं, वे व्यावसायिक उड़ानों या उपलब्ध अन्य साधनों से जल्द देश छोड़ने की कोशिश करें। दूतावास ने भीड़ और प्रदर्शन वाले इलाकों से दूर रहने की सख्त सलाह दी है।

आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी-किसी भी आपात स्थिति में फंसे भारतीय नागरिक या उनके परिजन दूतावास के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा ईमेल के जरिए भी मदद मांगी जा सकती है। भारत सरकार तेहरान में अपने अधिकारियों के माध्यम से लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है।

भारत सरकार की सतत निगरानी, नागरिक सुरक्षा प्राथमिकता-विदेश मंत्रालय ने कहा है कि हालात पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। हर नए अपडेट के अनुसार रणनीति बदली जा रही है ताकि ज्यादा से ज्यादा भारतीयों को सुरक्षित निकाला जा सके। सरकार की पहली प्राथमिकता है कि कोई भी भारतीय खतरे में न पड़े और सभी को जल्द से जल्द सुरक्षित घर वापस लाया जाए।

 

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