अमेरिका फर्स्ट की नई सख्ती: 75 देशों के लिए इमिग्रेंट वीज़ा पर रोक, ट्रंप प्रशासन का बड़ा फैसला

अमेरिका ने 75 देशों के इमिग्रेंट वीज़ा प्रोसेसिंग पर लगाई रोक, जानिए क्या है वजह-अमेरिका ने हाल ही में 75 देशों के नागरिकों के लिए इमिग्रेंट वीज़ा प्रोसेसिंग को अस्थायी रूप से रोक दिया है। इस फैसले का मकसद उन प्रवासियों पर रोक लगाना है जो अमेरिका जाकर सरकारी मदद पर निर्भर हो सकते हैं। जानिए इस फैसले के पीछे की पूरी कहानी।
75 देशों के लिए वीज़ा प्रोसेसिंग पर रोक का ऐलान-अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर बताया कि 75 देशों के लिए इमिग्रेंट वीज़ा प्रोसेसिंग तब तक रुकी रहेगी, जब तक यह सुनिश्चित नहीं हो जाता कि नए प्रवासी टैक्सपेयर्स पर बोझ नहीं बनेंगे। इसमें पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और रूस जैसे देश शामिल हैं।
व्हाइट हाउस का ‘अमेरिका फर्स्ट’ संदेश-व्हाइट हाउस ने इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि जब तक यह पक्का नहीं हो जाता कि नए आने वाले लोग सरकारी मदद पर निर्भर नहीं होंगे, तब तक वीज़ा प्रोसेसिंग पर रोक रहेगी। यह नीति ट्रंप प्रशासन की सख्त इमिग्रेशन नीति को दर्शाती है।
रोक का असर सोमालिया, ईरान और हैती जैसे देशों पर भी-यह रोक उन देशों पर लागू होगी जहां से आने वाले प्रवासी सरकारी सुविधाओं पर ज्यादा निर्भर होते हैं। इसमें सोमालिया, ईरान, हैती और इरीट्रिया जैसे कई देश शामिल हैं। प्रशासन इस सिस्टम की समीक्षा भी कर रहा है।
रोक 21 जनवरी से लागू हो सकती है-स्टेट डिपार्टमेंट के प्रवक्ता ने बताया कि यह रोक 21 जनवरी से लागू हो सकती है। विभाग उन लोगों को अयोग्य घोषित करेगा जो भविष्य में सरकारी मदद पर निर्भर हो सकते हैं। दूतावास अधिकारियों को भी वीज़ा प्रक्रिया में सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
75 देशों की लंबी सूची में कौन-कौन से देश हैं?-इस सूची में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, पाकिस्तान, नेपाल, रूस, ईरान, इराक, नाइजीरिया, सूडान, सीरिया, थाईलैंड, यमन, भूटान, ब्राजील, क्यूबा, हैती, सोमालिया समेत कुल 75 देश शामिल हैं। इन देशों के नागरिकों पर इस रोक का सीधा असर होगा।
नवंबर 2025 में जारी हुई थी सख्त गाइडलाइन-नवंबर 2025 में स्टेट डिपार्टमेंट ने “पब्लिक चार्ज” नियमों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए थे। इसका मकसद था कि जो लोग सरकारी मदद पर निर्भर हो सकते हैं, उन्हें वीज़ा न दिया जाए। यह नीति अब और कड़ी हो गई है।
बीमारियों और उम्र को भी बनाया गया आधार-गाइडलाइन में यह भी कहा गया कि जिन लोगों को गंभीर बीमारियां हैं जैसे दिल की बीमारी, कैंसर, डायबिटीज, मानसिक रोग आदि, उन्हें वीज़ा देने में रोक लगाई जा सकती है। साथ ही मोटापा और उम्र को भी वीज़ा में बाधा माना जाएगा।
पहले सरकारी मदद लेने वालों पर भी सख्ती-जिन लोगों ने पहले कभी सरकारी सहायता ली है या सरकारी संस्थानों में इलाज कराया है, उन्हें भी “पब्लिक चार्ज” मानते हुए वीज़ा देने से इनकार किया जा सकता है। यह कदम अमेरिका की इमिग्रेशन नीति को और सख्त बनाता है।



