Silver Rate Today 04 January 2026: नए साल में चांदी की दमदार शुरुआत, एक हफ्ते में ₹6,000 से ज्यादा की तेजी

नए साल में चांदी ने दिखाया दम: 2026 की शुरुआत में तेजी का रुख- चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल
साल 2026 की शुरुआत चांदी निवेशकों के लिए काफी उत्साहजनक रही है। नए साल के पहले ही हफ्ते में चांदी की कीमतों में करीब 6,443 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। पिछले हफ्ते जहां चांदी 2,28,107 रुपये प्रति किलो थी, वहीं अब यह 2,34,550 रुपये के स्तर तक पहुंच चुकी है। यह तेजी बाजार में चांदी के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।
4 जनवरी 2026 को चांदी का ताजा भाव-4 जनवरी को घरेलू सर्राफा बाजार में चांदी करीब 2,41,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है। साल की शुरुआत में ही यह संकेत मिल रहा है कि चांदी का ट्रेंड फिलहाल मजबूत है। 2025 में चांदी ने 163.5 प्रतिशत का जबरदस्त रिटर्न दिया था, जो सोने से भी बेहतर रहा, इसलिए निवेशकों की नजरें इस साल भी चांदी पर टिकी हैं।
देश के बड़े शहरों में चांदी के दाम-दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, पुणे, अहमदाबाद और वडोदरा में चांदी का भाव 2,410 रुपये प्रति 10 ग्राम और 2,41,000 रुपये प्रति किलो है। वहीं चेन्नई, हैदराबाद और तिरुवनंतपुरम जैसे दक्षिणी शहरों में चांदी थोड़ी महंगी बिक रही है, जहां इसका रेट 2,570 रुपये प्रति 10 ग्राम और 2,57,000 रुपये प्रति किलो है। यह अंतर स्थानीय टैक्स और मांग के कारण होता है।
क्या 2026 में चांदी 3 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है?-विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 में चांदी सोने से बेहतर रिटर्न दे सकती है। चांदी सिर्फ कीमती धातु नहीं, बल्कि एक मजबूत इंडस्ट्रियल मेटल भी है। सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। हालांकि बीच-बीच में उतार-चढ़ाव रहेंगे, लेकिन पहली छमाही में तेजी की उम्मीद है।
चांदी की तेजी के पीछे की वजहें-2025 में चांदी ने करीब 150 प्रतिशत की तेजी दिखाई, जबकि सोने में 70 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। कीमतें ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद भी निवेशक सतर्क हैं, लेकिन गिरावट पर खरीदारी बढ़ जाती है। चीन ने 1 जनवरी 2026 से चांदी के निर्यात पर सख्त नियम लागू किए हैं, जिससे ग्लोबल सप्लाई प्रभावित हो सकती है और दाम और बढ़ सकते हैं।
सोना-चांदी के दाम कैसे तय होते हैं?-भारत में सोने और चांदी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के स्पॉट रेट, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, आयात शुल्क, जीएसटी और घरेलू मांग पर निर्भर करती हैं। लंदन बुलियन मार्केट और कॉमैक्स में ट्रेडिंग से भी कीमतें प्रभावित होती हैं। स्थानीय टैक्स और परिवहन लागत के कारण शहरों में दामों में थोड़ा फर्क रहता है।



